हड़ताल समर्थकों ने फिर स्कूली बच्चों को बनाया निशाना

कोलकाता व हावड़ा में कई बच्चे घायल
कोलकाता : केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय मजदूर संघों द्वारा आहूत दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को पश्‍चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। पथराव की घटना में कुछ स्कूली छात्र भी घायल हुए। माकपा और कांग्रेस ने बंगाल में आम हड़ताल आहूत करने के लिए हाथ मिला लिया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सरकार ने हड़ताल को नाकाम करने के लिए सभी प्रबंध किए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के राजाबाजार इलाके में स्कूली छात्रों को ले जा रही बस पर पथराव किया गया जिसमें कुछ छात्र घायल हो गए। पुलिस ने घटना में शामिल होने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं हावड़ा में दो छात्राएं जिला स्थित एक स्कूल में पढ़ने के लिए सलब से बस में चढी थी और ड्राइवर के पास की सीट पर बैठी थी। इस दौरान दासनगर के समीप बामपंथी समर्थकों ने बस पर पथराव कर दिया जिसमें बस में सवार दो स्कूली छात्राएं घायल हो गयी। बाद में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। कूचबिहार जिले में हड़ताल समर्थकों ने ऑटो पर पथराव किया, जिसके परिणामस्वरूप चालकों ने अपनी सेवाएं बंद कर दीं। वरिष्ठ माकपा और वामपंथी नेताओं ने हड़ताल के समर्थन में राज्य के विभिन्न हिस्सों में जुलूस निकाले। दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का पहला दिन पश्‍चिम बंगाल में ज्यादा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा। राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए विस्तृत सुरक्षा प्रबंधों ने राज्य में सामान्य जीवन को बाधित करने के हड़तालियों के प्रयास को नाकाम कर दिया। सरकारी कार्यालय, आईटी क्षेत्र और बंदरगाह की गतिविधियां सामान्य रहीं, जबकि बैंक की कुछ शाखाओं और एटीएम के बंद होने के कारण बैंकिंग क्षेत्र में हड़ताल का आंशिक प्रभाव देखने को मिला। चाय बागानों में काम करने वाले भी सामान्य दिनों की तरह काम करते दिखे। हालांकि, पीएसयू बीमा कंपनियां बंद रहीं। दो दिवसीय हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मुखर्जी ने दावा किया कि तृणमूल प्रशासन द्वारा कई बार उकसाने के बावजूद बंगाल में ‘आम हड़ताल’ सफल रही। मुखर्जी ने कहा, ‘हर तरह के उकसावे के बावजूद बंगाल में आम हड़ताल सफल रही। लोगों ने केंद्र की नीतियों के खिलाफ हड़ताल में सक्रियता से भाग लिया।’ स्कूल बसों पर पथराव की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सीटू महासचिव अनाड़ी साहू ने घटना की निंदा की और कहा कि पार्टी इसकी जांच करेगी तथा अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। बहरहाल, तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि हड़ताल पूरी तरह विफल रही और लोगों ने ‘बंद की संस्कृति’ को खारिज कर दिया। तृणमूल के महासचिव और शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘हड़ताल पूरी तरह से विफल रही क्योंकि लोगों ने बंद की संस्कृति को पूरी तरह से नकार दिया। हम भाजपा के खिलाफ लड़ने जा रहे हैं लेकिन हम प्रदर्शन के रूप में हड़ताल या बंद के पक्ष में नहीं हैं।’ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में हड़ताल पूरी तरह विफल रही।

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