समाज्ञा

मोबाइल के बाद अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाएगी माइक्रोमैक्स

भारतीय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी माइक्रोमैक्स एक नए सेगमेंट में उतरने की तैयारी में है. कंपनी का मुख्यालय गुड़गांव में है. एक समय इंडियन मोबाइल मार्केट में कंपनी का दबदबा था. हालांकि, शियोमी, लेनोवो, ओपो और विवो जैसी चाइनीज कंपनियों के आने के बाद माइक्रोमैक्स के बिजनेस को तगड़ा झटका लगा है. कंपनी अब अपने कारोबार को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कुछ नया करने वाली है. माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में उतरने की तैयारी में है. कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर लाकर नए सेगमेंट में एंट्री करेगी. कंपनी फिलहाल इस सेगमेंट में टेस्टिंग कर रही है.

टेस्टिंग पार्टनर्स से कर रही है बातचीत
माइक्रोमैक्स के को-फाउंडर राजेश अग्रवाल ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया है, ‘हम इलेक्ट्रिक व्हीकल्स कैटेगरी में उतरने पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, अभी यह शुरुआती दिन हैं. हम फिलहाल टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं.’ कंपनी अपने ई-व्हीकल्स की टेस्टिंग के एडवांस्ड स्टेज में है और इसे कुछ लिथियम बैटरी कैटेगरी में इजाजत भी मिल गई है. मौजूदा समय में सीमित मैन्युफैक्चरर्स ही ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बना रहे हैं. ऐसे में माइक्रोमैक्स को इस सेगमेंट में शानदार संभावनाएं नजर आ रही हैं और कंपनी इस सेगमेंट में अपनी पैठ बनाना चाहती है.

जल्द फाइनल होगी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की लोकेशन 

माइक्रोमैक्स के एग्जिक्यूटिव ने बताया है, ‘सरकार का ई-मोबिलिटी पर लगातार फोकस बढ़ रहा है. हमारा मानना है कि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और टू-व्हीलर तेजी से बढ़ेंगे.’ माइक्रोमैक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए एक लोकेशन को फाइनल करने के एडवांस स्टेज में है. हालांकि, भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अभी पॉपुलर नहीं हैं, लेकिन सरकार की पॉलिसीज से ऐसा संकेत मिलता है कि आने वाले सालों में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.