डालमिया भारत ग्रुप का हुआ दिल्ली का लाल किला, 25 करोड़ रुपये में किया हासिल!

केंद्र सरकार की एडॉप्ट ए हेरिटेज स्कीम के तहत लाल किला देश की ऐसी पहली ऐतिहासिक इमारत बन गया है जिसे डालमिया ग्रुप ने 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर गोद लिया है. भारत के इतिहास में पहली बार किसी कॉरपोरेट घराने ने ऐतिहासिक विरासत को गो‍द लिया है. डालमिया भारत ग्रुप ने सरकार को 25 करोड़ रुपये दिए हैं. आपको बता दें कि लाल किला को अडॉप्‍ट करने की होड़ में इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर ग्रुप जैसी दिग्‍गज कंपनियां भी शामिल थीं. डालमिया ग्रुप लाल किला को पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए उसे नए सिरे से विकसित करने के तौर-तरीकों पर विचार कर रहा है. 

डालमिया ग्रुप, पर्यटन मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व विभाग के बीच इस कॉन्ट्रेक्ट पर 9 अप्रैल को हस्ताक्षर हुए थे. इस कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक डालमिया ग्रुप को 6 महीने के भीतर लाल किले में बेसिक सुविधाएं देनी होंगी, जिनमें पीने के पानी की सुविधा, स्ट्रीट फर्नीचर जैसी सुविधाएं हैं. 

क्या है ‘एडॉप्ट ए हेरीटेज’ स्कीम-केंद्र सरकार ने बीते साल सितंबर महीने में ये स्कील लॉन्च की थी. पूरे देश की सौ ऐतिहासिक इमारतों को इसके लिए चिन्हित किया गया था. इन इमारतों में ताजमहल, कांगड़ा फोर्ट, कोणार्क का सूर्य मंदिर और सती घाट कई प्रमुख स्थल शामिल हैं. 

पर्यटन और संस्‍कृति मंत्रालय से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद डालमिया भारत ग्रुप पर्यटकों से शुल्‍क भी वसूलना शुरू करेगा. लाल किले के बाद अब अगला नंबर ताजमहल का है. आपको बता दें कि देश भर के 100 ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ये स्कीम लागू की गई है. इसमें ताजमहल, कांगड़ा फोर्ट, सती घाट और कोणार्क मंदिर जैसे कई प्रमुख स्थान हैं. 

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