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दिल्ली में अधीर से मिले मुकुल

-अगले हफ्ते देंगे इस्तीफा

-रास चेयरमैन से मांगा समय

-सस्पेंडेड सांसद ऋतब्रत से मिले

कोलकाता/दिल्ली  :  सस्पेंडेड तृणमूल सांसद मुकुल राय अगलेे हफ्ते राज्यसभा से इस्तीफा दे देंगे। इस बीच शनिवार को उन्होंने दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी से उनके घर पर मुलाकात कर सबको चौंका दिया है। मुकुल ने बाद में पत्रकारों को बताया कि वे अगले सप्ताह राज्यसभा से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चेयरमैन ने समय मांगी है। कभी तृणमूल के सेकेंड इन कमांड रहे मुकुल ने कहा कि वे इफ्तार के बाद पत्रकार वार्ता आयोजित कर राज्यसभा से इस्तीफा तथा तृणमूले छोड़ने के कारणों का खुलासा करेंगे। हालांकि, उन्होंने अधीर से मुलाकात करने के कारणों का खुलासा नहीं किया, इससे अटकल लगाई जा रही है कि क्या मुकुल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि इससे पहले शनिवार को सस्पेंडेड माकपा सांसद ऋतब्रत भट्टाचार्य भी मुकुल राय के घर पहुंचे तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। वहां से मुकुल अधीर के घर गए। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुकुल फिलहाल भाजपा में शामिल होने का खतरा नहीं उठाएंगे।

मुकुल करीबी नेताओं का कहना है कि अगले हफ्ते इफ्तार के बाद तृणमूल छोड़ने तथा राज्यसभा से इस्तीफा देने का फैसला काफी सांकेतिक है। मुकुल ने इफ्तार के बाद ही घोषणा का फैसला क्यों किया, इसका केवल अंदाजा ही लगाया जा सकता है। पता चला है कि भाजपा मुकुल के बारे में काफी धीमे चल रही है तथा तृणमूल ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। ऐसे में वे बिना किसी पार्टी से जुड़ी रहे तो राजनीतिक हासिए पर जा सकते हैं। इसीलिए उन्होंने अब जल्द ही फैसला लेने का मन बनाया है। हालांकि, अधीर चौधरी तथा सस्पेंडेड माकपा सांसद ऋतब्रत से मुलाकात के कारणों के बारे में पता नहीं चल सका है। अधीर ने पत्रकारों का बताया कि दोनों पुराने साथी हैं। दोनों के बीच कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। मालूम हो कि पूजा से पहले मुकुल राय ने तृणमूल छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वे पार्टी छोड़ने के बाद ही कई अहम खुलासा भी करेंगे। इसके तत्काल बाद पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए तृणमूल से सस्पेंड करने की घोषणा की थी। बाद में मुकुल ने पार्थ को राजनीतिक बच्चा तक कहा तथा दावा किया कि भाजपा के साथ नहीं होने पर तृणमूल आज की बुलंदी तक नहीं पहुंच पाती। जवाब में पार्थ चटर्जी ने मुकुल का नाम लिए बिना उन्हें गद्दार तक की संज्ञा दे दी थी।

 

 

 

 

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