रंगून मूवी रिव्यू: कुछ हिस्से बेहतरीन हैं तो कुछ बोझिल लगते हैं, सैफ, शाहिद और कंगना की परफॉर्मेंस शानदार है

सैफ अली खान, शाहिद कपूर और कंगना रनौत स्टारर रंगून फिल्म की कहानी आजादी से पहले के भारत के समय में एक वॉर रोमांस की कहानी है। यह सेकेंड वर्ल्ड वॉर के समय शुरू हुए एक लव ट्रायएंगल की कहानी है। फिल्म के कुछ हिस्से बेहतरीन हैं। लेकिन आखिर तक आते-आते फिल्म कहीं-कहीं थकाने लगती है।

फिल्म में मिस जूलिया (कंगना रनौत) एक एक्ट्रेस हैं। सैफ अली खान एक्टर और प्रोड्यूसर रूसी बिलमोरिया के रोल में हैं। फिल्म की कहान शुरू होती है साल 1943 से जब ब्रिटिश आर्मी रूसी बिलमोरिया से रिक्वेस्ट करती है कि वह मिस जूलिया को बर्मा बॉर्डर पर भेजें ताकि वह वहां देश के सैनिकों का मनोरंजन कर सकें। रूसी जो कि एक देश भक्त है। वह अपना फर्ज निभाता है और एक ग्रुप के साथ जूलिया को वहां भेजता है। इस ग्रुप के साथ नवाब मलिका यानी शाहिद कपूर को जूलिया की सुरक्षा के लिए साथ भेजा जाता है। इस सफर के दौरान जब जापानी उन पर बम दागते हैं तो मलिक और जूलिया वहां से भागकर बर्मा पहुंचने में कामयाब हो जाते हैं। यहां दोनों में प्यार की शुरुआत होती है।

विशाल भारद्वाज की इस हाई बजट फिल्म में सब कुछ तब तक ठीक चलता है जबतक हीरो हीरोइन को उनकी तरह ही रहने दिया जाता है। मलिक और जूलिया का रोमांस धीरे-धीरे पकता है। दोनों के बीच के मोमेंट्स को जबर्दस्ती लंबा खींचा गया है। ऐसा लगता है मानो जूलिया और मलिक अपने ही सपनों की दुनिया में खोए हैं। फिल्म में एक फॉर्मल स्टोरी टेलिंग है और एक से दूसरे प्लॉट में जाने की कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई देती।

फिल्म के सेकेंड हाफ में विशाल भारद्वाज और उनकी टीम फिल्म के सारे पहलुओं को पकड़ कर समेटने की कोशिश करते हैं। रंगून एक खूबसूरत फिल्म है। इसके सिनेमैटोग्राफी शानदार है। फिल्म की साउंड डिजाइनिंग भी कमाल है। फराह खान और सुदेश अदाना की कोरियोग्राफी शानदार है। इसके अलावा कीचड़ में शाहिद और कंगना का लव मेकिंग सीन शायद किसी हिंदी मेनस्ट्रीम फिल्म में इतना बेहतरीन कभी नहीं दिखा।

विशाल भारद्वाज ने इस फिल्म के जरिए दो फिल्मों ओल्ड स्कूल रोमांस और वॉर थ्रिलर को बखूबी पेस किया है। रंगून 2017 की एक गुडलुकिंग फिल्म के तौर पर उभर कर आती है। तीनों कलाकारों की परफॉर्मेंस शानदार है। डायरेक्टर विशाल भारद्वाज अच्छी फॉर्म में हैं। एक और बात जो जानना जरूरी है वो ये कि एस फिल्म में तीन बार नेशनल एंथम आएगा।

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