इस गायक को 8वीं बार मिला नेशनल अवॉर्ड, 30 हजार से ज्यादा गाने कर चुके हैं रिकॉर्ड

येसुदास. पूरा नाम- के.जे. येसुदास. नाम सुनकर आप चाहेंगे कि आगे भी कुछ बताया जाए. मगर जब दीप जले आना, जानेमन-जानेमन तेरे ये दो नयन या सुरमई अंखियों में…जैसे गाने बजें, तो आप कुछ नहीं जानना चाहेंगे और बस इन गानों में खो जाएंगे. फिलहाल आप खोने से पहले ये जान लीजिए कि इन्हें गाने वाले सिंगर का नाम ही है येसुदास. इन्हें लगातार आठवीं बार बेस्ट गायक का नेशनल पुरस्कार मिला है. हाल ही में घोषित हुए 65वें नेशनल अवॉर्ड्स की लिस्ट में आठवीं बार येसुदास का नाम बेस्ट सिंगर के तौर पर शामिल हुआ है. इससे पहले उन्हें 7 नेशनल अवॉर्ड्स, 5 बार फिल्मफेयर अवार्ड और 43 बार स्टेट लेवर पर दिए जाने वाले बेस्ट गायक अवॉर्ड्स मिल चुके हैं. साल 1977 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. साल 2002 में पद्म भूषण और साल 2017 में नागरिकों को मिलने वाले दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से येसुदास को सम्मानित किया गया.

उनकी झोली में कितने अवॉर्ड्स आ चुके हैं, इसकी गिनती करने बैठेंगे, तो शायद आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन उनके गाए गाने सुने जाएं, तो जरूर यकीन होता है कि सुर के ऐसे साधक को पुरस्कार मिलना लाजिमी ही है.

अपने 5 दशक से अधिक के करियर में उन्होंने 30 हजार से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए और ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है. हिंदी, मलयालम या तमिल हो, या अंतरराष्ट्रीय भाषाएं जैसे रशियन, अरबी, लैटिन और अंग्रेजी, येसुदास ने हर भाषा में एक से बढ़कर एक गीत गाए हैं.  अभी आपके लिए उनके कुछ खास हिंदी गीत-

श्याम रंग रंगा रे
फिल्म ‘अपने पराए’ का यह गीत एक भक्ति गीत है जो कान्हा के लिए गाया जा रहा है. अपने प्यार को पाने की प्रार्थना के साथ ही इसमें कृष्ण कन्हैया की भक्ति की गई है. बप्पी लाहिड़ी इस गाने के संगीतकार हैं और योगेश के बोलों को बहुत मधुर अंदाज में अंजाम दिया है येसुदास ने.

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