Breaking News
Home / Business / स्नैपडील समेत चार ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस, जानवरों के अंग बेचने का आरोप

स्नैपडील समेत चार ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस, जानवरों के अंग बेचने का आरोप

मध्य प्रदेश के वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स ने चार ई-कॉमर्स कंपनियों से पूछा है कि उनपर मॉनिटर लिजार्ड के हेमिपेनिस जैसे जानवरों के अंग बेचने के आरोप में क्यों मुकदमा ना चलाया जाए। इन चार कंपनियों में स्नैपडील, इंडियामार्ट, विशएनबाय और कार्डकंपैरिजन जैसी ई-कॉमर्स फर्म शामिल हैं। कंपनियों से जानवरों के इस प्रकार के प्रोडक्ट और उनसे जुड़ी जानकारी तुरंत हटाने को कहा गया है। साथ ही वन विभाग ने कंपनियों से नोटिस जारी करते हुए एक महीने में जवाब मांगा है, नहीं तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की जाएगी।

यह नोटिस जून में हुई उस घटना के बाद आया है जब इंदौर से चार लोगों और खरगोन में एक तांत्रिक को मॉनिटर लिजार्ड के सूखे हेमिपेनिस को ‘हट्टा जोड़ी’ और ‘सियार सिंघी’ बताकर बेचने के कारण पकड़ा गया था। पुजारी लोगों को तांत्रिक क्रिया के लिए अंग बेचता था। पुजारी के पास से सियार (जयकाल) व घोरपड़ (मॉनीटर लिजार्ड) के 13-13 अंग मिले हैं। वहीं इंदौर से पकड़े गए चार लोगों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बना रखा था। शेर, बाघ के नाखून, बाल, दांत, उल्लू के पंख, हिरणों की खाल ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर बेचते थे।

छापेमारी के दौरान व्यापारियों का दावा था कि इन्हें जड़ीब-बूटियों से तैयार किया गया है, लेकिन सैंपल्स को लैब भेजा गया था तब वास्तविकता सामने आई। वन विभाग एसटीएफ के रितेश सिरोथिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि व्यापारी ना सिर्फ इन अंगों को सीधे ग्राहकों को बेच रहे थे, बल्कि इन ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों का भी सहारा लिया जा रहा था। उन्होंने बताया कि हेमिपेनिस को कम से कम 38 मॉनीटर लिजार्ड को मारकर बनाया जाता है।

About Samagya

Check Also

माँ ममता: आगामी पूजा के लिए दीदी ममता बनर्जी के रूप में बंगाल मंडल दुर्गा को डिजाइन

Share this on WhatsAppआगामी मेगा बोनान्जा के लिए देवी दुर्गा की एक मूर्ति बंगाल के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *