इंटर्नशिपः पढ़ाई और करियर के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी

किसी भी फील्ड में करियर बनाने से बनाने के लिए सबसे पहला पड़ाव इंटर्नशिप होता है। इंटर्नशिप द्वारा ही किसी व्यक्ति को उस फील्ड और कंपनी के बारे में जानकारी मिलती है। कई बार स्टूडेंट्स इंटर्नशिप को बस एेसे ही कोर्स समझ कर पूरा करने की कोशिश करते है, लेकिन क्या आप जानते है कि इंटर्नशिप की मदद से आप उस कंपनी में नौकरी भी पा सकते है। बस इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है जो इंटर्नशिप के दौरान आपको नौकरी दिलाने में आपकी मदद करेंगी।

इंटर्नशिप के लिए फोकस्ड होना जरूरी
इंटर्नशिप में सबसे जरूरी होता है कि कैंडीडेट फोकस्ड हैं या नहीं। जो कैंडीडेट फोकस्ड होते हैं, उन्हें पता होता है कि इंटर्नशिप पढ़ाई और करियर के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे कैंडीडेट इसे एडवांस लर्निग की तरह लेते हैं और यही सोच उन्हें इंटर्नशिप का असली फायदा दिलाती है।

परफार्मेंस दें और साख बनाएं
यह न समझें कि इंटर्नशिन कराने वाले संस्थान की नजर आप पर नहीं है। वहां के अधिकारी भी आप और आपके काम पर नजर रखें होते हैं क्योंकि हर संस्थान को अच्छे एम्प्लाई की जरूरत होती है। वह भी देखते हैं कि क्या आप उनके काम के साबित हो सकते हैं। यही मौका आपको भुनाना होता है। ऐसे में आपकी जरा सी भी अच्छी परफॉरमेंस उनका ध्यान खींचेगी और यह आपके फेवर में होगा।

सॉफ्ट स्किल्स सीखें और दिखाएं
इंटर्नशिप के दौरान आपको काम करने वाली जगह पर अपने आपको दिखाना भी होता है और उससे बहुत कुछ सीखना भी होता है। इसमें काम को समझने के साथ एक अच्छा टीम प्लेयर बनना भी बहुत जरूरी होता है। दरअसल निजी संस्थानों में टीम वर्क एम्प्लायर की प्रियोरिटी में होता है। इसलिए इस पर ध्यान दें। लोगों के साथ बात करने, तर्क करने और अपनी बात रखने के तरीके सीखने होंगे। लोगों के लिए काम करना और लोगों से काम लेना, दोनों आपको आना चाहिए

अच्छी संस्था से ही मिलेगा सही एक्सपोजर
आपकी कोशिश होनी चाहिए कि जिस फील्ड से आप पढ़ाई कर रहे हों, उसकी बेस्ट कंपनी में इंटर्नशिप करने जाएं। इससे आपको सीखने की अच्छी जगह तो मिलेगी, साथ में उस संस्था के नाम का फायदा आपको अपनी सीवी में मिलता है। ऐसे में आपको अपने लिए खुद संस्था चुननी चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि इंटर्नशिप की स्ट्रीम वही हो जो आपकी पढ़ाई की है।

वर्क कल्चर समझे और अपनाएं
एक इंटर्न के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि जहां वह काम कर रहा है, वहां के ऑर्गेनाइजेशन का फॉर्मल और इनफॉर्मल रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर क्या है। उसी को फॉलो करें। साथ ही इंटर्नशिप पीरियड के दौरान उन्हें किसे रिपोर्ट करना होगा। इसके लिए पहले दिन ही वहां के एचआर मैनेजर से मिलकर इंटर्नशिप की डिटेल्स पता कर लें।

डिसीप्लिन का रखें ध्यान
इंटर्नशिप करने वाले फ्रेशर्स को कोशिश करनी चाहिए कि वह छुट्टियां न ले। इस दौरान टाइमिंग एटिकेट्स का ध्यान जरूरी रखें। टाइम पर आएं और जाएं। अगर कभी जल्दी जाना हो या देर में आना हो तो इसकी सूचना अपने सीनियर को अवश्य दें। इससे आप सीनियर्स को इंप्रेस कर पाएंगे। लंच या टी ब्रेक भी निर्धारित टाइम पर ही लें। बार-बार चाय पीने के लिए काम से उठने वाले लोगों को अच्छा वर्कर नहीं माना जाता है। इसके अलावा वर्क को पहली वरीयता दे क्योंकि आपका डेडीकेशन ही साबित करेगा कि काम को लेकर आप गंभीर हैं।

सोशल स्किल्स डेवलप करें
एक इंटर्न के लिए अच्छी सोशल स्किल्स काफी काम आती हैं। ऑफिस के लोगों के साथ दोस्ताना व्यवहार करें। दूसरे लोगों को ऑब्जर्व करें कि वे ऑफिस में एक-दूसरे से कैसे बात करते हैं और मिलते हैं। ऑफिस में काम के दौरान अपना सेलफोन बंद या साइलेंट मोड पर ही रखें या पर्सनल कॉल्स बहुत जरूरी होने पर ही करें। अपनी सीट पर बैठकर लंबी बात करने से बचें। अगर काम के सिलसिले में फोन पर बात करनी हो, तो प्रोफेशनल टोन रखें। ई-मेल कर रहे हों तो ग्रामर और स्पेलिंग का पूरा ध्यान रखें। कभी किसी को पर्सनल ई-मेल न भेजें।

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