हेल्दी फंडा

जटिल होता मच्छर का आचरण 

मामूली से कीट मच्छर से सभी जीव परेशान हैं। इसने सर्वाधिक बुद्धि वाले जीव मनुष्य तक का जीवन हलकान कर दिया है। इसका चरित्र एवं कार्य बूझना निरंतर कठिन हो जाता है। इनकी अनेक प्रजातियां हैं। सभी अलग अलग तरह की बीमारियां फैलाती हैं। ये रोगों के संवाहक हैं एवं अलगअलग समय पर लोगों को काटते हैं। मच्छरदानी हमें मच्छर से होने वाले 90 प्रतिशत रोगों से बचाती है। डेंगू फैलाने वाला मच्छर सवेरे काटता है जबकि हम बचने का प्रयास रात को करते हैं। मच्छर भगाने हेतु क्रीम, टिकिया, क्वायल आदि का उपयोग करते हैं किंतु कुछ देर बाद मच्छर इन बाधाओं को पार कर लेता है। टिकिया क्वायल आदि का रसायन दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका दुष्प्रभाव भी होता है। मच्छर रोधी क्रीम त्वचा को क्षति पहुंचाती है। मच्छर से बचने हेतु साफसफाई के अलावा और कोई श्रेष्ठ विकल्प नहीं है।

वजन घटाना लगता आसान है पर करना कठिन

वजन बढ़ना एवं मोटा होना अब विश्‍वव्यापी समस्या बन गई है। इससे परेशान हैरान लोग जब अपना वजन व मोटापा घटाते हैं तो यह सोचने से ज्यादा कठिन होता है। कुछ लोग तकलीफदायक कठिन डायटिंग करने लगते हैं और अपना शरीर एवं स्वास्थ्य कमजोर कर डालते हैं तो कुछ निराश होकर कदम वापस ले लेते हैं। अमेरिका के नेशनल हेल्थ के वैज्ञानिकों के अनुसार डायटिंग करने वालों को आगा पीछा सोचकर कदम उठाना चाहिए क्योंकि जैसा सोचते हैं डायटिंग उससे अधिक कठिन होती है। डायटिंग सदैव चिकित्सक के मार्गदर्शन में करनी चाहिए। शरीर के लिए जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन जरूरी होता है।

सब्जियां बनाएं दिल दमदार

अब तो वैज्ञानिक, चिकित्सक एवं शोध करने वाले भी शाकाहार का गुणगान करने लगे हैं और सब्जियों के द्वारा दिल की बीमारियों से बचने की सलाह देने लेगे हैं। इनके अनुसार प्याज, टमाटर, लौकी, लहसुन, गाजर आदि खाने से दिल दमदार होता है एवं दिल की सभी बीमारियों से बचा जा सकता है। सलाद का प्याज रक्त प्रवाह ठीक रखता है, धड़कन सही रखता है एवं दिल को मजबूत बनाता है। टमाटर दिल की बीमारियों का खतरा कम करता है। लौकी कोलेस्ट्राल की मात्रा सही रखती है। लहसुन खाली पेट लेने से लाभ पहुंचाता है। गाजर दिल की बढ़ी धड़कन को ठीक करती है।

बढ़ता है प्रदूषण से दिल के दौरे का खतरा

प्रदूषण की अधिकता की स्थिति में रहना पूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसका उच्च स्तर समय पूर्व मृत्यु एवं दिल के दौरे का कारण बन जाता है। इससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। लंदन स्कूल आफ हाईजीन के मुताबिक वातावरण में प्रदूषक कण कार्बन मोनोआक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड व ओजोन मौजूद होते हैं जिनकी अधिकता से बीमारी एवं मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

बालों का रंग बदलना

बालों के उगने, बढ़ने एवं गिरने का क्रम सतत चलता रहता है। दिल टूटने एवं तलाक के बाद बाल कमजोर होते हैं एवं गिरने लगते हैं जबकि तनाव बढ़ने पर काले बालों का रंग बदलकर भूरा हो जाता है। एक शोध के मुताबिक तनाव बढ़ने पर हार्मोनल बदलाव होता है। यही बालों के मूल रंग को प्रभावित कर बदलने लगता है।

मतली रोकने हेतु अदरक है रामबाण 

अधिक खाने, गलत चीजों को खाने एवं अपच से उल्टी, मतली की शिकायत होती है। मतली आना, उबकाई आना एक ऐसी विकट स्थिति होती है जिसके सामने आने पर पीड़ित व्यक्ति लाचार एवं असहाय हो जाता है। ऐसी विपदाकारी स्थिति में अदरक रामबाण की भांति काम करता है। भारतीय रसोई में मसाले के रूप में विद्यमान अदरक सूखे रूप में सोंठ सुंठी के नाम से मिलता व जाना जाता है। यह सर्दी जुकाम की दवा है। शरीर को गर्म रखता है। अदरक को दैनिक खानपान के अलावा घरेलू नुस्खों एवं आयुर्वेद की दवाओं में भी उपयोग किया जाता है। ओहयो वि. वि. ने इसमें सभी गुणों के अलावा मतली रोकने की क्षमता को पाया है।

आधुनिक चिकित्सा अध्ययनों ने भी इसमें मतली रोकने का रामबाण दवा की भांति गुण पाया है। अदरक में एक ऐसा तत्व मौजूद है जो मतली के लिए संवदेनशील कारकों को रोक देता है।

एसके द्विवेद्वी

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