आपातकालीन स्थिति में ऐसे बनें मददगार

आजकल आए दिन दुर्घटनाएं व हादसे होते रहते हैं। ऐसे में अगर आपकुछ जानकारियां रखें, तो कई लोगों की जिंदगी बचाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं एवं घायलों को गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचा सकते हैं। अगर कहीं कोई दुर्घटना घट गई हो या बम विस्फोट जैसी घटना घट गई हो, तो जानिए आपात स्थिति में लोगों की मदद करने के तरीके –

जब घायल हो जाए कोई – अगर कोई व्यक्ति घायल हो गया है, घाव बड़ा है और उससे लगातार खून बह रहा है तो सबसे पहले घाव पर से कपड़े हटाकर उसे साफ करें। अच्छे पानी से भिगोए कपड़े से घाव ढँक दें। घाव वाले अंग को ऊपर की ओर रखें ताकि खून का बहाव कम हो। इसके बाद घाव के कुछ ऊपर थोड़ी कसकर पट्टी बांध दें। जैसे घुटने के पास घाव है, तो जांघ के नीचे प्रेशर बैंडेज बांधा जा सकता है। पर ध्यान रखें इसे पंद्रह मिनट में एक बार थोड़ा ढीला करना भी जरूरी है ताकि सामान्य रक्त प्रवाह बाधित न हो।

अगर  फ्रैक्चर का हो अंदेशा – यदि फ्रैक्चर का अंदेशा हो, तो जरूरी है कि उस अंग को बिल्कुल हिलाया न जाय। आसपास कोई लकड़ी का टुकड़ा दिखे तो उस पर फ्रैक्चर वाली जगह को सावधानी से सीधा रखकर दोनों सिरों से बांध दें। जैसे पैर की हड्डी टूटी है, तो दोनों पैरों के बीच तकिया या कंबल का रोल रखकर पैरों को सीधा कर आपस में बांध दें। गांठ दूसरे पैर पर आए। फ्रैक्चर वाला अंग बिल्कुल सीधा रहे।

जब जल गया हो कोई – यदि कोई जल गया हो, तो उसे आऱाम से नीचे लिटा दें। जला भाग जमीन से न टकराए। अब जले हिस्से पर 10 मिनट तक ठंडा पानी डालें। कपड़ा अगर जलकर त्वचा में चिपक गया हो, तो उसे हटाने का प्रयास नकरें। फफोले उभर आए हों, तो उन्हें फोड़े नहीं। ना ही कोई लोशन या क्रीम लगाएं। सिर नीचे और पैर थोड़े ऊपर की ओर रखें, ताकि मस्तिष्क में रक्त प्रवाह जारी रहे।

जब काट ले कोई जानवर – किसी जानवर या कीड़े के काटने पर तुरंत साबुन व तेज धार वाले नल के पानी से लगातार 10 मिनट तक वह स्थान धोते रहें। कोई लोशन, क्रीम न लगाएं।

जब हो जाए किसी को हार्ट अटैक – हार्ट अटैक की स्थिति में व्यक्ति को हवादार स्थान पर बैठा दें, उसे एस्प्रीन और संभव हो तो एंटी एंजीनल दवा (जीभ के नीचे रखने वाली सोरबीट्रेट दवा) दें। हार्ट अटैक के मरीज को जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचाएंगे, उसके बचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

जब होने लगे खून की उल्टी – दुर्घटना के शिकार जिन व्यक्तियों को खून की उल्टियां हो रही हों या मुंह नाक से खून निकल रहा हो, उन्हें पेट के बल लिटाकर ले जाएं। अगर सीधे लेट जाने पर सांस की नली में खून चला गया, तो व्यक्ति की तुरंत मृत्यु हो सकती है। उल्टा ले जाने पर खून नीचे गिरता रहेगा। पीड़ित को घटनास्थल से दूर ले जाएं। इसके मनोवैज्ञानिक कारण हैं। घटनास्थल से हटा देने पर उसे हादसे की विभिषिका नहीं दिखेगा तथा मदद मिलने पर राहत महसूस होगी। मरीज को धीरज भरे बोल बोलें।

 

 

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