Breaking News
Home / News / बड़ाबाजार में फिर गिरा जर्जर मकान, 3 मरे

बड़ाबाजार में फिर गिरा जर्जर मकान, 3 मरे

एक ही परिवार के थे तीनों सदस्य

बची मासूमों की जान

पोस्टा के 16 नंबर शिवतल्ला लेन की घटना

महानगर में जर्जर मकानों के गिरने पर विराम नहीं लग रहा है। एक के बाद एक जर्जर मकानों के गिरने का मामला सामने आता जा रहा है। इस बार यह घटना बड़ाबजार के 23 नंबर वार्ड स्थित ढाका पट्टी के 16 नंबर शिवतल्ला लेन की है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गयी है। मृतकों के नाम ताराप्रसन्न साहा (94), शोभारानी साहा(84) व ब्युटी साहा (56) बताया गया है। ये सब एक ही परिवार के सदस्य थे।मंगलवार की सुबह करीब 11.30 बजे यह घटना घटी। घर गिरने की खबर मिलते ही मौके पर दमकल व पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके साथ ही नगर निगम के कर्मचारी भी पहुंचे। पुलिस ने अपनी टीम की मदद से मकान में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ाबाजार के शिवतल्ला लेन में लगभग सभी मकानें इतनी ही पुरानी है। यह दुर्घटना अगर स्कूल जाने के समय हुआ होता तो पता नहीं क्या होता। कितने मासूमों की जान चली गयी होती।
मेयर शोभन चटर्जी ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कोलकाता के लोगों से अपील की है कि जहां भी जर्जर मकान हैं और उन्हें खाली करने का नगर निगम ने नोटिस दिया है, उसे जल्द से जल्द खाली कर दें, ताकि फिर कोई ऐसी त्रासदी न हो।
क्या कहा पार्षद ने ः पार्षद विजय ओझा ने बताया कि यह मकान काफी दिनों से खाली है। सिर्फ एक-दो परिवार इसमें रह रहे थे। पता चला है कि स्थानीय एक प्रमोटर ने इस मकान को काफी पहले खरीद लिया था। उसने कई किरायेदारों से आपसी सहमति के आधार पर मकान खाली भी करवाया किन्तु दो परिवारों से सहमति बनने के बावजूद वे वहां रह रहे थे। इसी बीच मंगलवार को यह दुर्घटना घट गयी। बहरहाल दोष किसी का भी हो, ऐसी दुर्घटनाओं में जाने वाली जान की कीमत किसी भी सूरत में चुकाई नहीं जा सकती। जरूरत है कि कोलकाता नगर निगम इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए मकान मालिक तथा किरायेदारों के बीच मध्यस्थता करे जिसमें स्थानीय जन प्रतिनिधि की भूमिका संदेहास्पद न हो तभी ऐसे मकानों का कायाकल्प हो सकता है और ऐसी दुर्घटनाओं पर रोक लग सकती है। सिर्फ कानून बनाने भर से कुछ नहीं होगा, जरूरत है उसे अमली जामा पहनाने की।
वहीं कांग्रेस के नेता उत्तम सोनकर ने कहा कि 23 नं. वार्ड में इस तरह की घटना सबसे ज्यादा होती है। कुछ दिन पहले भी वार्ड में मकान ढह गया था। यहां पर जर्जर मकानों के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। यहां पर प्रमोटर राज चल रहा है।
नगर निगम के सूत्रों के अनुसार पोस्ता थाने के शिवतल्ला लेन के चार तल्ले के घर में पहले ही नोटिस भेजी जा चुकी है। मकान 90 साल से ज्यादा पुराना था। इसकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही थी। नये मकान की निर्माण की भी बात चल रही थी लेकिन इसके पहले ही यह घर गिर गया। बता दें कि कोलकाता नगर निगम ने जर्जर मकानों को खाली कर नवनिर्माण के लिये नया कानून भी बनाया है जिसके तहत किरायेदारों तथा मकान मालिकों दोनों के हितों को सुरक्षित रखा गया है। बावजूद इसके कहीं मकान मालिक तो कहीं किरायेदारों के अड़ियल रूख के कारण मकान खाली नहीं हो रहे हैं, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे मकानों में रह रहे हैं। कहीं-कहीं किरायेदारों की विवशता भी है। आरोप है कि मकान मालिक प्रमोटरों के कहे अनुसार कार्य करते हैं, जिसमें किरायेदारों के हितों को दरकिनार कर दिया जाता है। किरायेदारों के अनुसार मकान मालिक 30 प्रतिशत जगह काटकर देना चाहता है साथ ही किरायेदारों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था भी नहीं देना चाहता जिसके कारण किरायेदार अपनी जान को जोखिम में डालकर वहां रहने को विवश हैं।

About Samagya

Check Also

धर्म को बेचने वाले पसंद नहीं : ममता

Share this on WhatsAppगिरीश पार्क फाइव स्टार स्पोर्टिंग क्लब पूजा पंडाल का किया उद्घाटन कोलकाता, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *