Breaking News
Home / News / India / ट्रेन में 10 माह के बच्चे ने तोड़ा दम, …आखिर कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी ?
ट्रैन में बचे के दम तोड़ने के कारण माँ ने भी गंगा नंदी में कूद कर आत्महत्या की

ट्रेन में 10 माह के बच्चे ने तोड़ा दम, …आखिर कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी ?

मां ने गंगा में कूद कर की आत्महत्या

ट्रेन देरी के कारण  मां नहीं करा पायी इलाज

हावड़ा, समाज्ञा रिपोर्टर

ट्रेन देर से पहुंचने के कारण दो जाने चली गयी। यदि सही समय पर ट्रेन हावड़ा स्टेशन पहुंच जाती तो शायद दोनों जान बच जाती। बताया गया है कि पूजा सिंह (30) शुक्रवार को इलाज के लिए अपने 10 माह के बच्चे को लेकर विभूति एक्सप्रेस से बलिया स्थित ससुराल से कोलकाता अपने मायके आ रही थी, लेकिन उक्त ट्रेन पांच घंटे विलंब से हावड़ा पहुंची। बताया गया है कि बच्चा टीबी रोग से ग्रसित था जिसके कारण उसकी तबियत ट्रेन में ही खराब हो गयी। विभुति ट्रेन अपने समय से 5 घंटे देरी से पहुंची। हावड़ा पहुंचने पर गंभीर रूप से बीमार बच्चे कोे हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसे शिवपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बनबिहारी बोस रोड स्थित पूजा को उसके मायके लाया गया। वह अचानक शनिवार की सुबह घर से लापता हो गई। घरवालों ने कई जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दोपहर में उसका शव गंगा नदी के बिचाली घाट पर पाया गया। बताया गया है कि बच्चे का शव दफनाने के समय पूजा ने कहा था कि जा मैं भी आ रही हूं। वहीं पुलिस ने इस घटना को लेकर अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया है। परिवारवालों का कहना है कि ट्रेन के काफी देर से पहुंचने की वजह से पूजा अपनी संतान का समय पर इलाज नहीं करा सकी। ट्रेन में बच्चे की हालत काफी गंभीर हो गई थी। परिजनों का अनुमान है कि बच्चे की मौत से आहत पूजा ने नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली होगी। इसके पहले भी बीमारी के कारण ही पूजा का एक बच्चा मारा गया था। इसका सदमा नहीं सह पाने के कारण मां ने भी अपनी जान दे दी। पूर्व रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी रवि महापात्र ने बताया कि अग बच्चे के बीमार होने की खबर कहीं से भी रेलवे को दी जाती तो हम ट्रेन को रास्ते में रोककर उसका तुरंत इलाज करवाते लेकिन हमें इसकी सूचना नहीं मिली थी जिसकी वजह से रेलवे कुछ कर नहीं पाया। इधर ट्रेन में देरी के बारे में उन्होंने बताया कि आये दिन रेलवे में किसी न किसी तरह की परेशानी की वजह से ट्रेन पर उसका असर पड़ता है। बच्चे व उसकी मां जान गवाने का हमें काफी दुख है।

About Samagya

Check Also

पश्चिम बंगाल ने ओडिशा से जीती रसगुल्ले की ‘जंग’

Share this on WhatsAppरसगुल्ले की शुरुआत पश्चिम बंगाल में हुई या ओडिशा में इसका फैसला …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *