बंगाल में बंद का मिलाजुला असर


उपद्रव की छिपुट घटनाएं
कोलकाता : केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय मजदूर संघों द्वारा आहूत 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल के दौरान मंगलवार को पश्‍चिम बंगाल में मिलाज्ाुला असर रहा। महानगर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार का दिन अन्य दिनों की तरह सामान्य रहा, मगर कुछ इलाकों में उपद्रव की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। हड़ताल के दौरान कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। कई गाड़ियों को रोक कर उनमें तोड़फोड़ की गई। ऐसे में उपद्रवियों से बचने के लिए कई बसों के ड्राइवरों ने अपनी सुरक्षा में सिर पर हेल्मेट लगाकर बसें चलाईं। हालांकि, बंद के दौरान कोलकाता में एक अलग नजारा भी देखने को मिला जब काउंसलर ने सड़कों पर दिख रहे कुछ लोगों को लाल गुलाब के फूल दिए।

स्कूल बस पर हमला

उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में मंगलवार की सुबह बंद समर्थकों ने बच्चों से भरी स्कूल बस पर हमला कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार सुबह लगभग 8:30 बजे एक अंग्रेजी माध्यम की स्कूल बस में सवार होकर बच्चे स्कूल जा रहे थे। बारासात में सड़क जाम करने की कोशिशों में जुटे माकपा कार्यकर्ताओं ने स्कूल बस को रोक दिया। जब ड्राइवर ने कहा कि इसमें बच्चे हैं और इन्हें सुरक्षित ले जाना जरूरी है तब समर्थक उग्र हो गये और स्कूल बस पर हमला करने लगे। आरोप है कि बस में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद बच्चे सदमें में हैं। इस दौरान कई बच्चे रोने और चिल्लाने लगे थे। जैसे-तैसे ड्राइवर और कंडक्टर ने हमलावरों से बच्चों को बचाया और सड़क किनारे बस को खड़ी कर स्कूल प्रबंधन को सूचित किया। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्कूल बस को हमलावरों से बचाया। बच्चों को पुलिस की गाड़ी के साथ सुरक्षित जगह पर ले जाकर अभिभावकों को सौंप दिया गया। हमला करने वाले कुछ माकपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।

जादवपुर में धक्का-मुक्की

वाममोर्चा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती को बंद के समर्थन में सड़क जाम करने की कोशिश करते हुए पुलिस ने सुबह-सुबह ही गिरफ्तार कर लिया। वह जादवपुर 8 बी बस स्टैंड पर यातायात बंद कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में माकपा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही सुजन चक्रवर्ती और माकपा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश की, पुलिस की टीम ने इन्हें सड़क से हटा दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने सुजन चक्रवर्ती समेत 30 से अधिक माकपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि फिर भी वामपंथी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन नहीं थामा और लगभग 20 मिनट तक कार्यकर्ताओं के विरोध की वजह से जादवपुर इलाके में यातायात बाधित रही।

ट्रेनों को रोकने के लिए प्रयोग किये खतरनाक तरीके

ट्रेन रोकने के लिए बंद समर्थकों द्वारा ऐसे खतरनाक तरीके का इस्तेमाल किया गया जो हजारों यात्रियों की जान के लिए आफत बन गया था। हावड़ा-बर्दवान के बीच मेन लाइन पर प्रदर्शनकारियों ने बिजली आपूर्ति को लेकर ऐसी खतरनाक कारगुजारियां की जिसकी वजह से ट्रेन चलते ही ओवरहेड तार में शॉर्ट सर्किट होने लग रहा था और बड़ी संख्या में आग की चिंगारियां ट्रेनों पर गिर रही थीं। इस वजह से ट्रेन के जरिए यात्रा कर रहे लोग बेहद आतंकित हो गए थे। रेलवे प्रबंधन सूत्रों के अनुसार बंद समर्थकों ने ओवरहेड तार पर लोहे की तार सूते के साथ बंध कर फें दी थी। इस वजह से ट्रेन के ख्ाुलते ही सूते से तार खिचता था और उससे इर्थिंग व मेन कनेशन का तार एक दूसरे से सट जाता था। इस वजह से शॉर्ट सर्किट का सिलसिला लगा रहा। गाड़ियों के गुजरने के दौरान लगातार शार्ट सर्किट की वजह से आग की चिंगारियां ट्रेनों पर गिरने लगती थीं जिससे लोग बेहद आतंकित हो गए थे। श्रीरामपुर, कोन्ननगर, उत्तरपाड़ा, बाली, बेलूर स्टेशनों के बीच इसी तरह से ओवरहेड तार में व्यापक पैमाने पर शॉर्ट सर्किट होता रहा। कहीं बंद समर्थकों ने तार पर गीला कपड़ा फेंक दिया था तो कहीं केले के पत्ते से दोनों तारों को जोड़ दे रहे थे जिससे शॉर्ट सर्किट हो रहा था। इससे हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी।

जलाया पीएम का पुतला

हड़ताल समर्थकों ने कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके और टायर जलाए। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हड़ताल समर्थकों को जबरन हड़ताल लागू करने से रोकने की कोशिश की। इसके कारण हावड़ा, सिलीगुड़ी, वर्द्धमान, बीरभूम, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और हड़ताल समर्थकों के बीच झड़पें हुईं।

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