मुकुल के संपर्क में तृणमूल नेता

-चंदननगर के दर्जन भर पार्षद मिले
-मेयर राम चक्रवर्ती के खिलाफ रोष
-कालीपूजा को करेंगे बड़ी घोषणा!

सुशील मिश्रा/कोलकाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस ने कभी सेकेंड इन कमांड रहे रास सांसद मुकुल राय को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। मुकुल ने भी पूजा बाद अपनी रणनीति तथा पार्टी छोड़ने के कारणों के बारे में खुलासा करने की घोषणा की है। मुकुल हितैषियों संग तृणमूल को भी उनके खुलासे का इंतजार है। लेकिन तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में इस समय मुकुल को पार्टी नेताओं से काफी समर्थन मिल रहा है। उत्तर के साथ दक्षिण बंगाल में भी उन्हें नपा/ननि नेताओं, पार्षदों, विधायकों आदि का समर्थम मिल रहा है। खबर यहां तक है कि दक्षिण बंगाल के कई नपा चेयरमैन व पालिकाओं के पार्षद मुकुल के संपर्क में हैं। चंदननगर नगर निगम सूत्रों के अनुसार निगम के कम से कम एक दर्जन पार्षद दशमी के दिन पूजा बधाई देने के बहाने मुकुल राय संग मिले तथा भावि रणनीति के बारे में चर्चा की। ये पार्षद मेयर राम चक्रवर्ति के खिलाफ पहले ही बगावत कर जिलाध्यक्ष व पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को पत्र लिख कर जल्द ही विरोध नहीं मिटने पर दूसरे विकल्प पर विचार करने की बात कह चुके है। वहीं, पता चला है कि उत्तर बंगाल के भी कई नेता एवं पार्षद भी मुकुल संग लगातार संकपर्क रख रहे हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि मुकुल संग संपर्क करने के लिए सभी नेता मोबाइल के बदले लैंड लाइन फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेताओं को अंदेशा है कि उनका फोन टैप हो सकता है। हालात यहां तक पहुंच गये हैं कि एक तृणमूल नेता, दूसरे तृणमूल नेता को संदेह की दृष्टि से देख रहा है। पता चला है कि उत्तर बंगाल में ऐसे नेताओं की संख्या दक्षिण के मुकाबले अधिक है जो मुकुल संग जा सकते हैं। वहीं, मुकुल कालीपूजा के दिन तृणमूल संग सारे रिश्ते खत्म करने के साथ ही बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं।

लैंड लाइन सहारा : हुगली जिला तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि फिलहाल मुकुल दा से संपर्क करने के लिए लैंड लाइन फोन ही सहारा है। क्योंकि मोबाइल नम्बरों के बारे में तृणमूल भवन व सुप्रीम आवास को सारी जानकारी है। ऐसे में मोबाइल से सस्पेंडेड नेता संग संपर्क करना घातक हो सकता है। यह पूछने पर कि क्या फोन टैप हो रहे हैं, नेता ने कहा कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मुकुल राय के पार्टी छोड़ने से पार्टी पर असर पड़ने तथा भाजपा को फायदा पहुंचने की बात बेहिचक स्वीकार करते हुए नेता ने कहा कि ऐसे लोग जिन्हें कभी महत्व नहीं दिया गया तथा जिन्होंने पार्टी के शुरुआती दिनों में खून-पसीना बहाया लेकिन हासिए पर रहे, नाराजगी के चलते मुकुल से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि मुकुल के जाने से पार्टी को कितना नुकशान होगा, यह पंचायत चुनाव में ही स्पष्ट हो सकेगा।
भाजपा या नई पार्टी ः प्रदेश भाजपा सूत्रों का कहना है कि बंगाल के नेता मुकुल को पार्टी में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। ये वे दिल्ली को बता चुके हैं। उनका मानना है कि सारदा चिटफंड/नारद स्टिंग कांड के आरोपी को पार्टी में शामिल करने से पीएम मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी छवि का धक्का लगेगा तथा तृणमूल को भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हथियार मिल जाएगा। कांग्रेस-माकपा भी इसे भुनाने का प्रयास करेगी। वैसे, पता चला है कि जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय मुकुल के बारे में प्रदेश नेताओं को समझाने के लिए कोलकाता आने वाले हैं। हालांकि, मुकुल ने अभी तक भविष्य की योजनाओं के बारे में पत्ते नहीं खेले हैं, ऐसे में वे भगवा रंग में रंगेगे या नई पार्टी बनाएंगे, इस बारे में अटलें जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *