इतने घोटालों में भी मनमोहन बेदाग रहे, रेनकोट पहनकर नहाना वे ही जानते हैं : मोदी

नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में हिस्सा लिया। मोदी ने कहा- ये कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है। किसी राजनीतिक दल को परेशान करने के लिए भी नहीें है। पीएम ने कांग्रेस के घोटालों का जिक्र करते हुए कहा- इतने घोटालों में भी मनमोहन बेदाग रहे, रेनकोट पहनकर नहाना वे ही जानते हैं। मोदी की इस टिप्पणी के बाद राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।
और क्या कहा मोदी ने…
 मोदी ने कहा, ”ज्यादातर चर्चा नोटबंदी के आसपास रही है। इस बात से हम इनकार नहीं कर सकते कि हमारे देश में एक बुराई आई है। इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इसने हमारी अर्थव्यवस्था में, समाज में जड़ें जमा दी हैं। और इसलिए भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक निर्णय नहीं है।”
– ”पैरेलल इकोनॉमी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गरीब का हुआ। गरीब का हक छीना जाता है और उसका शोषण होता है। प्रयास पहले भी हुए होंगे। हम कब तक इन समस्याओं को कारपेट के नीचे डालकर गुजारा करते रहेंगे।”
– ”जाली नोट की बात होती है। जो आंकड़े प्रचारित हैं, वो आंकड़े जाली नोटों के बैंकों के पहुंचने तक है। ज्यादातर जाली नोट बैंक के दरवाजे तक न जाएं, इस व्यवस्था से चलाए जाते हैं। आतंकवाद-नक्सलवाद को बढ़ावा देने में इसका उपयोग होता है। कुछ लोग उछल-उछलकर कह रहे हैं कि आतंकियों के पास दो हजार रुपए के नए नोट मिले। हमें पता होना चाहिए कि बैंक लूटने का प्रयास और नई नोट ले जाने का प्रयास जम्मू-कश्मीर में हुआ। जाली नोट बंद होने के बाद उनके सामने दिक्कत आई। नोटबंदी के कुछ ही दिन बाद जो आतंकी मारे गए, उनके पास से ये नोट मिले।”
जब किताब में वांचू कमेटी का जिक्र हुआ तो आप सो रहे थे क्या?
– ”इन कदमों से ईमानदारों को बल मिलेगा, ऐसा हमारा स्पष्ट मत है। बहुत पहले वांचू कमेटी बनी थी। नोटबंदी की आर्थिक जरूरतों के संबंध में उन्होंने इंदिराजी के समय अपनी रिपोर्ट दी थी। यशवंतराव चह्वाण उससे सहमत है। लेकिन इंदिराजी ने कहा था कि हम राजनीति में हैं और चुनाव लड़ने होते हैं।”
– मोदी की इस पर बात राज्यसभा में हंगामा हुआ। इस पर मोदी ने कहा- ये गोडबोलेजी की किताब में है। अच्छा होता कि गोडबोलेजी की किताब जब छपी, तब आपने पढ़ी होती। आप सो रहे थे क्या? कहां थे आप? आपकी जगह मैं होता तो गोडबोलेजी के खिलाफ केस कर देता। लेकिन आपने नहीं किया। आज जब उनकी किताब की चर्चा हो रही है तो आपको परेशानी हो रही है।
– मोदी ने कहा, ”आज जाली नोट, हवाला कारोबार, आतंकवाद, ड्रग्स का कारोबार फैल चुका है। पहले ऐसा नहीं था। हमने जब फैसला किया तो जाली नोट तो उसी वक्त न्यूट्रिलाइज हो गए थे। आपने टीवी पर देखा होगा। दूसरे देश में जाली नोट का कारोबार करने वाले को आत्महत्या करनी पड़ी थी।”
– ”हमारे देश में नवंबर-दिसंबर के दरमियान 40 दिन में 700 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ये नोटबंदी के बाद हुआ। अगर माओवादी सरेंडर करें और उसका संतोष में किसी को ना हो तो ऐसा हो नहीं सकता। और अगर संतोष नहीं हो रहा है तो मामला कुछ और है।”
चाय बागानों में काम करने वालों को पूरा वेतन मिल रहा है
– मोदी ने कहा, ”हजार की नोट छपने के बाद 500 की नोट कम मिल रही थी। अब ऐसा नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ कि ऐसे फैसले के बाद सभी बैंकों ने एकसाथ ब्याज दर कम की। यहां असंगठित कामगारों की बात हुई। कामगारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। समय रहते हम उन्हें ईपीएफ और ईएसआईसी स्कीम से जोड़ेंगे। असम का उदाहरण देना चाहूंगा। चाय बागान में काम करने वालों के लिए उन्होंने 7 लाख बैंक खाते खुलवाए। मोबाइल एप पर उन्हें कारोबार करना सिखाया। इससे चाय बागान के मजदूरों को पूरा वेतन मिलने लगा। वहां बहुत अच्छा एक्सपीरियंस मिला।”
मनमोहन के लिए कहा- बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना वे ही जानते हैं
– ”पिछले सत्र में मनमोहन सिंहजी ने अपने विचार रखे थे। ये बात सही है कि अभी एक किताब निकली है, उसका फोरवर्ड डॉक्टर साहब ने लिखा है। हमें लगा किताब उन्हीं की है। लेकिन किताब किसी और की थी और फोरवर्ड उनका था। उनके भाषण में भी मुझे ऐसा लगा कि शायद…।”
– विपक्ष ने इस पर हंगामा किया। इस पर मोदी ने कहा- जो मैंने बोला नहीं, उसका अर्थ आप कैसे समझ जाएं।
– ”35 साल तक इस देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने आजादी के बाद आधा समय तक देश की अर्थव्यवस्था को देखा हो। लेकिन कितने घोटाले की बातें आईं। खासकर राजनेताओं के पास डॉक्टर साहब से बहुत कुछ सीखने जैसा है। इतना सब हुआ, उन पर एक दाग नहीं लगा। बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना ये सिर्फ डॉक्टर साहब जानते हैं।”
वेल में कांग्रेस मेंबर्स का हंगामा
– मोदी के इतना कहते ही राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के मेंबर्स वेल तक आ गए।
– सभापति डॉ. हामिद अंसारी को कहना पड़ा कि अपनी जगह पर लौट जाएं।
– केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मोदी को हिटलर, मुसोलिनी कहा गया। तब ये विपक्ष कहां था।
– रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि क्या आपने हमारे प्रधानमंत्री के बारे में बुरी-बुरी नहीं कहीं?
– इसके बाद कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।
– मोदी ने आगे कहा- ”इतने बड़े पद पर रहे व्यक्ति ने जब बंदर और लूट जैसे शब्द प्रयोग किए थे तो ये सोचना चाहिए था कि संविधान की मर्यादा क्या होती है। हम मर्यादा का आदर करते हैं। किसी भी रूप में पराजय स्वीकार ही नहीं करना, ये कब तक चलेगा?”

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