समाज्ञा

गहरी बर्फ में 24 घंटे तक मां के शव को कंधे पर ले जाने को मजबूर हुआ सेना का जवान

 आपको बता दें कि 28 जनवरी को पठानकोट में अब्बास की मां की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी. 29 जनवरी को अब्बास मां का शव लेकर टैक्सी से 450 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा पहुंचे. कुपवाड़ा से तंगधार हाईवे से अब्बास को मां का शव लेकर जाना था लेकिन अगले पांच दिनों तक मां के शव के साथ अब्बास कुपवाड़ा में फंसे रहे.