बीएमसी चुनाव: संजय राउत का बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस से कभी नहीं मांगा समर्थन

मुंबई, एएनआई । महाराष्ट्र में पहली बार अलग अलग चुनाव लड़ने के बाद भाजपा और शिवसेना के सामने गठबंधन का सवाल मुंह बाये खड़ा है। लंबे समय तक दोस्त रहे दोनों दल एक दूसरे आरोप लगाने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। कांग्रेस से गठबंधन की खबरों के बीच संजय निरुपम ने कहा कि हम शिवसेना जैसी सांप्रदायिक पार्टी के साथ नहीं जा सकते जो धर्म और जाति की राजनीति करती हो।

मुंबई कांग्रेस के मुखिया निरुपम ने बताया कि शिवसेना के कुछ नेताओं ने हमसे संपर्क किया था। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने कांग्रेस के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमारा कोई भी नेता कांग्रेस के पास नहीं गया है। उन्होंने कहा माडिया में आ रही ऐसी रिपोर्ट गलत हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि मेर शिवसेना का ही होगा।

इस बीच दूसरी ओर महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणनवीस ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ किसी भी कीमत पर नहीं जा सकते। नाम न लेते हुए फडणनवीस ने कहा कि उन्हें (शिवसेना) को जहां जाना हो वहां जाए।हम कुछ नहीं कहेंगे।

गौरतलब है कि बीएमसी के चुनावों में 2012 से 2017 के बीच भजपा ने अपनी बढ़त में तकरीबन तीन गुना इजाफा किया है और उसकी सीटें 31 से बढ़कर 82 पर जा पहुंची हैं, लेकिन इस बढ़ोत्तरी के बावजूद बीजेपी बीएमसी के चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर नहीं उभर सकी है।
दूसरी ओर शिवसेना को उससे दो सीटें ज्यादा मिली हैं। बीएमसी में शिवसेना ने अपने पिछले प्रदर्शन का रिकार्ड सुधारते हुए इसमें 9 सीटों का इजाफा किया है, उसे 84 सीटें हासिल हुई हैं।

227 सदस्यों वाली बीएमसी में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। ऐसे बिखरे जनादेश से राज्य और केंद्र में नये राजनीतिक गठबंधन की संभावनाएं पैदा हो गई हैं क्योंकि शिवसेना दोनों ही जगह बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल है।

 

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