मां-बाप को मारकर रायपुर के बंगले में 5 साल पहले दफनाया भोपाल में जब प्रेमिका के मर्डर में फंसा तब खुला पुराना राज

मां-बाप को मारा 2011 मेंसालभर बाद मां का डेथ सर्टिफिकेट लगाकर घर अपने नाम किया, 2013 में बेचा 31 लाख में

क्राइम रिपोर्टर | रायपुर/भोपाल

भोपाल में प्रेमिका आकांक्षा की हत्या के बाद मकान में ही चबूतरा बनाकर दफना देने वाले वहशी हत्यारे ने रायपुर के सुंदरनगर में अपने माता-पिता की 2011 में हत्या की, फिर उसी बंगले के बगीचे में दोनों को दफना भी दिया। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि दास परिवार 2008 में सुंदरनगर का मकान खरीदकर उसमें शिफ्ट हुआ था। यह आलोक देवांगन का प्लाट था, जिसे इंद्राणी के नाम पर खरीदा गया था। यहां शिफ्ट होने के बाद दास परिवार ने पड़ोसियों से न कभी बात की, न किसी से संबंध रखा। अब तक जो बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार माता-पिता की हत्या के बाद उदयन ने 2012 में मां का डेथ सर्टिफिकेट लगाकर यह मकान अपने नाम पर करवा लिया। शेष|पेज 5

इसी समय उसने कोचिंग टीचर सुरेश दुआ को मकान बेचने के लिए कहा और पॉवर ऑफ अटर्नी दे दी। 2013 में यह मकान शांतिनगर के एक वकील ने 31 लाख रुपए में खरीद लिया। मकान खरीदनेवाले वकील ने कहा कि उदयन को तो उन्होंने भी कभी देखा नहीं था।

भोपाल में आकांक्षा मर्डर के तार रायपुर से जुड़ने के बाद से यहां भी हड़कंप मचा हुआ है। उदयन ने भोपाल पुलिस को माता-पिता की हत्या करके रायपुर के जिस मकान में दफनाने की बात बताई थी, वह मकान तीन साल पहले शांतिनगर में रहनेवाले वकील हरीश पांडे ने खरीदा था। इसके बगीचे में दो लोगों की दफन होने की बात पता चलने के बाद उनका परिवार भी बेचैन है। शाम होने तक इस मकान के सामने लोग इकट्ठा होने लगे थे, इसलिए वहां पुलिस लगा दी गई है। रायपुर में आला अफसरों ने बताया कि भोपाल से शनिवार की रात पुलिस उदयन को लेकर रायपुर रवाना हुई।

यहां रविवार को सुबह बगीचे की खुदाई की जाएगी, ताकि उदयन के माता-पिता की हत्या कर दफनाने की तसदीक की जा सके।

आरोपी ने भोपाल पुलिस को बताया कि रायपुर में माता-पिता से उसका अक्सर विवाद होता था। इस वजह से उसने 2011 में दोनों को घर के भीतर ही मार डाला। चूंकि इस परिवार का पड़ोसियों से कोई ताल्लुक नहीं था, यहां कोई रिश्तेदार भी नहीं रहते थे, इसलिए किसी को इसकी भनक नहीं लगी। उदयन ने बगीचे वाली जगह पर दोनों को दफ्नाया और कुछ दिन तक यहीं रहा। इसके बाद उसने पुरानी बस्ती के अपने परिचित सुरेश दुआ को बताया कि आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल जा रहा है। वह भोपाल चला गया, कभी-कभी यहां आता रहा। इस दौरान उसने सुरेश को मकान बिकवाने के लिए पावर ऑफ अटर्नी दे दी। मकान रियल एस्टेट कारोबारी संदीप श्रीवास्तव ने देखा तो खरीदने को तैयार हो गए। संदीप के कहने पर ही उनके अधिवक्ता दोस्त हरीश पांडे ने 31 लाख रुपए में 2013 में मकान का सौदा किया और रजिस्ट्री करवा ली।

आकांक्षा के सामने खुल गया था झूठ

उदयन 7 साल से आकांक्षा को बताता था कि अमेरिका से उसे 4 दिन की छुट्टी मिली है। दो दिन आने-जाने में लगेंगे। दो दिन तुम्हारे साथ बिताना चाहता हूं। आकांक्षा फ्लाइट से भोपाल आती थी। दो दिन बाद वह जिस फ्लाइट से जाती थी, उदयन बताता था कि उसकी फ्लाइट बाद में है। वह एयरपोर्ट भी साथ जाता था। आकांक्षा के टेकऑफ करते ही वह टैक्सी से भोपाल के घर में लौट आता था। आकांक्षा जून 2016 से साथ रहने लगी, तब उदयन की पोल खुली। इसके बाद वह आकांक्षा से झगड़ने लगा कि दोस्त से बात क्यों करती है? इसी बात पर एक दिन आकांक्षा को भी मार डाला।

रायपुर के सुंदरनगर स्थित मकान का बगीचा, जहां उदयन ने माता-पिता को दफनाया।

रायपुर का मकान खरीदनेवाले हरीश पांडे ने बताया कि उनका पूरा सौदा उदयन के परिचित सुरेश दुआ के साथ हुआ। पैसा भी उसे ही दिया। पांडे के अनुसार रजिस्ट्री के समय उदयन रायपुर आया था और रजिस्ट्री पेपर्स पर दस्तखत भी किए लेकिन दोनों में कोई बात नहीं हुई। मकान खरीदने के बाद जब पांडे यहां आए तो सामने गार्डन नहीं था, खाली जमीन पड़ी थी और सब अस्त-व्यस्त था। उन्होंने ही वहां काली मिट्टी डलवाई, फिर गार्डन बनाया। 1800 वर्गफीट पर बना यह मकान डुप्लेक्स है।

प्रेमिका के हत्या के आरोपी उदयन दास ने शनिवार को भोपाल पुलिस को बताया कि उसने छह साल पहले बुजुर्ग मां इंद्राणी दास और पिता वीके दास की हत्या की थी। माता-पिता उसे नशे और अय्याशी से रोकते थे। उदयन के मुताबिक उसे वारदात का दिन या तारीख याद नहीं है। सिर्फ यही पता है कि उस दिन बारिश हो रही थी। माता-पिता ने उसे बाहर जाने और नशा करने से टोका था। तब उसने गुस्से में पहले मां का गला दबाया। फिर पिता को भी मार डाला। अंधेरा हो गया, तब उसने घर के सामने बगीचे में गड्ढा खोदा और दोनों को दफ्न कर दिया। भोपाल साउथ एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि उदयन बार-बार बयान बदल रहा है। उसने पहले बताया था कि पिता की 2004 में हार्ट अटैक से मौत हुई। बाद में कबूला को गला दबाकर हत्या की थी। फिर बताया कि उसी दिन मां को भी मार दिया।

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