वामो का बंगाल बंद बेअसर

-जन-जीवन रहा सामान्य

-कार्यालय, स्कूल-कालेज खुले

-सड़क, जलपथ व रेल सेवाएं अप्रभावित

कोलकाता, समाज्ञा

 राज्य में पंचारत चुनाव से पहले हिंसा के विरोध में वाम मोर्चे का राज्रव्रापी छह घंटे का बंद शुक्रवार को बेअसर रहा। बंद का सामान्य जन-जीवन पर कोई असर नहीं देखने को मिला। हालांकि इस दौरान किसी अप्रिर स्थित से बचने के लिए सरकार की ओर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। जनता की सुविधा के लिए सार्वजनिक रातारात तड़के से ही सड़कों पर मौजूद रहे। जलपथ, रेलवे व उड़ान सेवाएं सामान्र रहीं।  हावड़ा व सियालदह शाखा से दक्षिण पूव रेलवे तथा पूव रेलवे के उप-नगरीर शाखाओं पर रेल सेवाएं सामान्र रहीं। सभी मेल व एक्सप्रेस रेलगाड़ियां समय से रवाना हुईं। हावड़ा से चलने वाली जलपथ फेरी सेवाओं पर भी बंद का कोई असर नहीं रहा। महानगर सह जिलों में सभी स्कूल-कॉलेज खुले। सरकारी व निजी कार्यालयों में रोजाना की तरह ही कर्मियों की उपस्थिति दर्ज की गई। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली।

मेट्रो रेलवे सूत्रों ने बताया कि बंद का असर मेट्रो सेवा पर भी नहीं पड़ा। कलकत्ता विश्‍वविद्यालर तथा सीबीएसई के अधिकारिरों ने कहा है कि बंद के कारण परीक्षा का कार्रक्रम परिवर्तित नहीं किरा गया तथा परिक्षाएं निर्धारित समय से हुईं। राज्र के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रत्र बसू ने कहा कि स्थित सामान्र और शांतिपूर्ण रहा। लोग आम दिन की तरह बाहर निकले। कहीं कोई बंद नहीं हुआ। बसु ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बंद के खिलाफ जुलूस निकाल कर सुबह स्थिति का जारजा लिरा। कोलकाता पुलिस ने कहा है कि शहर में सामान्र स्थिति को बिगाड़े की अनुमति किसी को भी नहीं दी गई। मालूम हो कि राज्र सरकार ने अपने कर्मचारिरों को शुक्रवार को कार्रालरों में मौजूद रहने को कहा था। सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके गुरुवार को कहा था कि भोजनावकाश के पहले अथवा बाद के लिए किसी की भी कैजुअल लीव मंजूर नहीं की जाएगी। गैर हाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

किसने क्या कहा ः बंद बेअसर रहने के सवाल पर वाम परिषदीय नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि घर से बाहर निकलने पर बंद की सफलता के बारे में पता चलता। उन्होंने दावा किया कि लोगों ने तृणमूल के हिंसा के खिलाफ बंद का समर्थन किया। माकपा नेता ने दावा किया कि सरकार की जबरदस्ती से सरकारी कर्मी कार्यालय पहुंचे लेकिन उन्होंने वामो के बंद का नैतिक समर्थन किया। माकपा नेता ने कहा कि सरकार ने बंद विफल करने के लिए सरकारी तंत्र का पूरा इस्तेमाल किया। वहीं, बंद को विफल करार देते हुए तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि लोगों ने वामो के बंद को नकार दिया। अब राज्य के लोग बंद नहीं काम व विकास चाहते हैं। माकपा बंद के बहाने अपनी राजनीतिक अस्तित्व बरकार रखने की कोशिश में हाथ-पैर मार रही है लेकिन जनता ने एक बार फिर उसे नकार दिया।

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