शहीद की बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक का खर्च उठाएगा IAS-IPS कपल

नई दिल्ली.हिमाचल का मुस्लिम आईएएस-आईपीएस कपल जम्मू-कश्मीर में शहीद नायब सूबेदार परमजीत सिंह की बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक का पूरा खर्च उठाएगा। उनकी बेटी का नाम खुशदीप सिंह कौर है। शहीद की 12 साल की बेटी ने तरनतारन में सैल्यूट कर पिता को अंतिम विदाई दी थी। बता दें कि एक मई को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) ने पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में 2 शहीद जवानों के सिर काट दिए थे। बेटी को IAS-IPS बनाएंगे…
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनुस खान कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर हैं और पत्नी अंजुम आरा सालोन जिले में एसपी की पोस्ट पर तैनात हैं। इस कपल का एक बेटा भी है।
– अंजुम ने कहा, ”खुशदीप अपनी फैमली के पास ही रहना चाहती है। ऐसे में हम उसका घरेलू, पढ़ाई और शादी का पूरा खर्च उठाएंगे। समय-समय पर घर जाकर बेटी और शहीद की फैमिली से मुलाकात भी करेंगे। उन्हें कोई परेशानी न हो, इसके लिए कोशिश करते रहेंगे। अगर वह आईएएस-आईपीएस अफसर या किसी और फील्ड में करियर बनाना चाहती है तो इसके लिए पूरी मदद करेंगे।”
– यूनुस ने कहा, ”किसी शहीद की फैमिली का दर्द असहनीय होता है, लेकिन हम इसे बांटने की कोशिश तो कर सकते हैं। बेटी के लिए बेहतर एजुकेशन का इंतजाम करना एक नागरिक के चलते हमारी ड्यूटी है। ये खुशदीप के ऊपर है कि वह गांव या कहीं और अपनी पढ़ाई पूरी करे। हम जिंदगी के फैसले लेने में भी उसकी मदद करेंगे।”
IAS एसोसिएशन ने लिया था फैसला
– 24 अप्रैल को सुकमा में CRPF के 25 जवानों की शहादत के बाद इंडियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (सेंट्रल) एसोसिएशन के सेक्रेटरी संजय भूसरेड्डी ने अफसरों से शहीदों के परिवारों की मदद की बात कही थी।
– उन्होंने कहा था, “उनका (आईएएस ऑफिसर्स) काम है कि वो ऐसे परिवारों को संबंधित सरकारों से उनका बकाया दिलाएं। वो उनके बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराने में भी मदद कर सकते हैं। सीनियर ऑफिसर्स या जो स्टेट सिविल सर्विस में हैं उनकी इच्छा हो तो वो भी किसी शहीद के परिवार को गोद ले सकते हैं।”
– बता दें कि यह एसोसिएशन देशभर के आईएएस ऑफिसर्स की अगुआई करती है। शुरुआती तौर पर 2012-15 की भर्ती वाले 700 यंग ऑफिसर्स को यह जिम्मेदारी दी गई। उनसे कहा गया कि वो अपनी पोस्टिंग वाले इलाके के किसी एक शहीद के परिवार को गोद लें।
कैसे हुआ था हमला?
– पाकिस्तान आर्मी की 647 मुजाहिद बटालियन ने 1 मई को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर कृष्णा घाटी सेक्टर में फायरिंग की। पाकिस्तान की ‘पिम्पल’ पोस्ट से भारत की ‘कृपाण’ पोस्ट को निशाना बना गया। मोर्टार और रॉकेट दागे गए। ऑटोमैटिक वेपंस से हैवी फायरिंग की गई।
– पाक के हमले में 22 सिख इन्फैन्ट्री के नायब सूबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ की 200वीं बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर शहीद हो गए। सागर यूपी के देवरिया के रहने वाले थे। हमले में बीएसएफ के कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह भी जख्मी हो गए थे।

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