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Budget 2017 : बजट चला गांव की ओर, जेटली बोले- ग्रामीण विकास है मकसद

New Delhi: Union Finance Minister Arun Jaitley presenting the Union Budget 2017-18 in Lok Sabha in New Delhi on Wednesday. PTI Photo / TV Grab (PTI2_1_2017_000082B)

आम बजट 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस बार का बजट गांवों के विकास के लिए समर्पित है।

नई दिल्ली(जेएनएन)। 92 साल बाद आम बजट और रेल बजट दोनों को एक साथ पेश किया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2017 को लोकसभा में पेश किया। आम बजट 2017 पेश करने के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर नीयत ठीक हो तो नाकामी नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण भारत का विकास जरूरी है।

केंद्र सरकार गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का मंतव्य है कि ये बजट गांवों के लिए समर्पित हो, लिहाजा हम बजट चला गांव की ओर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आइए आप को बताने की कोशिश करते हैं कि ग्रामीण विकास के लिए वित्त मंत्री के पिटारे से क्या निकला।

ग्रामीण विकास पर मेहरबान केंद्र सरकार

-वित्त मंत्री ने कहा मनरेगा को नए तरीके से किसानों के समक्ष ले जा रहे हैं ताकि उनका आय बढ़ सके। साथ ही कृषि विकास दर 1.4 फीसद होने का अनुमान की बात भी कही।

– मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा हुई। वर्ष 2016-17 में इस योजना के तहत मिलने वाली राशि करीब 37,000 करोड़ रुपये थी।

– प्रधानमंत्री सड़क योजना के मुताबिक रिकॉर्ड तेजी से सड़क बनाई जा रही है।

– मनरेगा के लिए पिछले साल 38000 करोड़ दिए थे, इस बार बजट में 48000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

– सरकार मनरेगा को भी नए तरीके से किसानों, मजदूरों के बीच लेकर जा रही है।

– फसल बीमा अब 30 फीसदी की बजाय 40 फीसदी होगा।

-कृषि क्षेत्र में 4.1 फीसदी की वृद्धि दर देखी गई, फार्म क्रेडिट के तौर पर 10 लाख करोड़ का लक्ष्य बजट में बनाया गया है।

– फसलों के बीमा का कवरेज 50 फीसदी तक बढ़ा है।

– छोटे एवं सीमांत किसानों की मदद के लिए 1900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, इसमें राज्यों की भी भागीदारी रहेगी।

– गांवों में शौचालय पर कार्य किया जाएगा।

-2019 तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर लाने का लक्ष्य रखा गया है।

-2019 तक 50 हजार पंचायतों को गरीबी हटाने की घोषणा।

– कृषि विज्ञान क्षेत्र में और अधिक लैब बनाने का लक्ष्य।

– नाबार्ड के तहत सिंचाई के लिए 40 हजार करोड़ रुपये की घोषणा।

– फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़ रुपये की घोषणा।

– 20 हजार करोड़ रुपये तीन साल में नाबार्ड के लिए।

– 5 साल में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य है।

– सूक्ष्म सिंचाई निधि 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान।

– डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 8 हजार करोड़ रुपये के मिल्क प्रोसेसिंग फंड की स्थापना।

– किसानों पर तय समय पर कर्ज मिलने की व्यवस्था।

– कृषि विकास के लिए दस लाख करोड़ का कृषि कर्ज का लक्ष्य।

– किसानों की आमदनी पर ध्यान देेने का लक्ष्य ।

-1.50 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड का लक्ष्य।

– कैशबेक और रेफरल बोनस स्कीम आएगी।

– पोस्ट ऑफिस के माध्यम से डिजिटल योजनाएं लागू की जाएंगी।