समाज्ञा

केंद्र ने एनडीआरएफ के नियमों को सख्त बनाया, कर्नाटक ने विरोध जताया

नयी दिल्ली, 30 जून : केंद्र ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद अपने राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) के तहत सूखा एवं बाढ़ राहत सहायता के नियमों को सख्त बना दिया है । हालांकि, कई राज्यों और खासकर कांग्रेस शासित कर्नाटक ने इस कदम का विरोध किया है।

सूखा प्रभावित क्षेत्रों को अब इस तरह परिभाषित किया गया है कि सिर्फ सामान्य एवं गंभीर रूप से सूखा प्रभावित क्षेत्रों को एनडीआरएफ के तहत सूखा राहत मिल पाएगी । इससे पहले, सूखे के प्रभाव के आकलन के लिए तीन श्रेणियां बनायी गयी थीं ।

आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रावधानों के तहत 2007 में गठित एनडीआरएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है ।

कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने उनसे विचार-विमर्श किए बगैर ही एनडीआरएफ के नियमों में बदलाव कर दिया ।

कर्नाटक के कृषि मंत्री बैरे गौड़ा ने कहा, राज्यों से चर्चा किए बगैर ही एनडीआरएफ के नियमों में एकतरफा तरीके से बदलाव कर दिए गए । उन्होंने कहा कि यदि नए नियमों के हिसाब से देखें तो पिछले साल कर्नाटक में जितने जिले सूखा प्रभावित घोषित किए गए थे, उनमें से आधे अब नयी परिभाषा के मुताबिक सूखा प्रभावित नहीं घोषित किए जा सकेंगे । इसका मतलब यह होगा कि एनडीआरएफ से राज्यों को कम केंद्रीय सहायता मिलेगी ।

गौड़ा ने कहा कि नियमों में बदलाव उच्चतम न्यायालय के आदेश पर किया गया है, लेकिन राज्यों से चर्चा किए बगैर ऐसे बदलाव नहीं किए जा सकते ।

उन्होंने कहा, हमने गृह मंत्रालय को ज्ञापन दिया है । हमने इस मुद्दे पर सभी राज्यों की बैठक करने का अनुरोध किया है । हम चाहते हैं कि पुराने नियम जारी रहें ।