दार्जिलिंग : माकपा त्रिपक्षीय वार्ता के पक्ष में

-राज्य कमेटी की 2 दिवसीय बैठक शुरू

-हालात के लिए राज्य सरकार की आलोचना

कोलकाता : ऐसे में जब अलग गोरखालैंड की मांग पर जारी अनिश्‍चिकालीन पहाड़ बंद ने अपना अर्द्ध शतक पूरा कर लिया है तथा राज्य-केंद्र सरकारें कोई पहल नहीं कर रही हैं, माकपा ने समस्या के समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता की वकालत की है। सोमवार से माकपा प्रदेश कमेटी को 2 दिवसीय बैठक के पहले दिन माकपा सदस्यों ने कई मुद्दों पर चर्चा की लेकिन उन्होंने दार्जिलिंग के हालात पर जोर दिया तथा स्वीकार किया कि वहां की स्थिति फिलहाल काफी गंभीर है। साथ ही माकपा ने बयान जारी कर कहा है कि हालात के लिए वर्तमान सरकार जिम्मेवार है। बैठक की अध्यक्षता विमान बसु कर रहे हैं जबकि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी व राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र सह कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

बैठक के बाद माकपा ने बयान जारी कर कहा है कि राज्य की राजनीतिक स्थिति के बारे में सूर्यकांत मिश्र ने अपने विचार पेश की। अपने विचार में सूर्यकांत ने दार्जिलिंग की स्थिति पर कहा कि यहां स्थिति काफी गंभीर है। पहाड़ पर लगातार अनिश्‍चितकालीन बंद जारी है। वहां खाद्यान संकट पैदा हो गया है, लेकिन वहां खाद्यान सामग्री भेजने में बाधा डाला जा रहा है। माकपा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार वहां जाति विभेद को बढ़ावा दे रही है जिससे वहां स्थिति और जटिल होती जा रही है। मिश्र ने अपने विचार में कहा है कि ऐसे  हालात से निपटने का एक मात्र रास्ता त्रिपक्षीय वार्ता ही है। सूर्यकांत ने अपने राजनीतिक विचार व प्रस्ताव में और कहा है कि 13 अगस्त को 7 नपा चुनाव होने हैं, लेकिन विपक्षी दलों को प्रचार करने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस व आयोग पर भरोसा करने के बजाय जनता को साथ लेकर मतदान में कूदना ही पार्टी के लिए हितकारी है। कमेटी के सदस्यों ने राज्य के 12 से अधिक जिलों में बाढ़ कीहालात व राहत तथा उत्तर 24 परगगना के बादुड़िया/बशीरहाट में सांप्रदायिक तनाव पर भी चर्चा की। बैठक मंगलवार को भी जारी रहेगी। पार्टी ने 15 अगस्त को राज्य में मानव बंधन तथा 17 अगस्त को 17 दलों को लेकर महानगर में सांप्रदायिक एकता जुलूस करने की भी घोषणा की है।

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