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बाहरी ताकतें कश्मीर में पैदा कर रही हैं परेशानियां : महबूबा

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बताया कि राज्य में बाहरी ताकतें परेशानियां पैदा कर रही हैं। महबूबा ने राज्य में कानून-व्यवस्था खासकर अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के बारे में सिंह से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग एक घंटे तक चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि कश्मीर घाटी में शांति बनाए रखने की खातिर राज्य सरकार द्वारा क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हुये आतंकी हमले के बाद राज्य में कानून व्यवस्था के लिये केन्द्र सरकार के स्तर पर सिंह द्वारा किये गये प्रयासों की भी सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा हुई। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में महबूबा ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के मूल में कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है बल्कि अशांति की वजह बाहरी ताकतें हैं। राज्य में जारी संघर्ष इन्हीं बाहरी ताकतों की करतूत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अब बदकिस्मती से चीन भी इसमें दखल देने लगा है।

महबूबा ने कहा कि ‘‘अमरनाथ तीर्थयात्ररियों पर हमले की साजिश देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिये रची गयी थी लेकिन मैं खुशकिस्मत हूं कि पूरे देश ने, सभी राजनीतिक दलों और केन्द्र सरकार, खासकर गृहमंत्री ने इस त्रासदपूर्ण स्थिति से हमें उबारने में मदद की।’’ इतना ही नहीं उन्होंने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा बरकरार रखने के राष्ट्रपति के आदेश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को दिये गये विशेष राज्य के दर्जा को बरकरार रखने की केन्द्र सरकार से भी अनुरोध कर चुकी हैं। सोमवार को अनंतनाग जिले में पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें सात यात्री मारे गए थे। जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षा एजेंसियों से कहा गया है कि वे सुरक्षा योजनाओं को पूरी ताकत और ऊर्जा के साथ लागू करें। अब तक 1.86 लाख से अधिक श्रद्धालु हिमालय में स्थित पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिये 21 हजार जवान तैनात किये गये हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 9500 ज्यादा है।