GST रिटर्न के लिए सिंगल फॉर्म फिलहाल नहीं, जानिए क्यों है इसकी जरूरत

जीएसटी परिषद की 25वीं बैठक में जीएसटी रिटर्न फाइल करने पर चर्चा हुई. इस दौरान इंफोसिस के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए सिंगल फॉर्म लाने को लेकर प्रजेंटेशन भी  दिया. फिलहाल भले ही इसके लिए सिंगल फॉर्मनहीं आ रहा है, लेकिन इसकी तैयारी कर ली गई है. पर‍िषद की अगली बैठक में इसे लाने पर फैसला हो सकता है.

हुई चर्चा

गुरुवार को जीएसटी परिषद की बैठक के पास एक अहम मुद्दा जीएसटी रिटर्न फाइल करना आसान बनाना था. मौजूदा समय में कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न   के तौर पर कई तरह के फॉर्म भरने पड़ते हैं. इसमें सबसे अहम जीएसटीआर3, जीएसटीआर1, और जीएसटीआर2 है. ढेर सारे फॉर्म होने की वजह से छोटे कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइल करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं.

कारोबारियों को हो रही दिक्कत

कारोबारियों की श‍िकायत है कि उन्हें रिटर्न फाइल करने के लिए कई सारे फॉर्म भरने पड़ते हैं. इसके अलावा रिटर्न फाइलिंग की जो मौजूदा व्यवस्था है, वह काफी उलझाने वाली है. छोटे कारोबारी अभी तक इस व्यवस्था को ढंग से समझ भी नहीं पाए हैं. यही वजह है कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाले कारोबारियों की संख्या में काफी धीमी गति से बढ़ोतरी हो रही है.

इसलिए सरल करने की जरूरत

जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को सरल और आसान बनाने की मांग कारोबारी लगातार कर रहे हैं. जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की प्रक्र‍िया को सरल बनाने से कारोबारियों को सुविधा होगी. इसके चलते ज्यादा कारोबारी रिटर्न भरने में कामयाब रहेंगे. जिसका सीधा पर‍िणाम जीएसटी के तहत होने वाली फाइलिंग में इजाफे के तौर पर होगा.

क्या है नया प्लान

जीएसटी परिषद के अध्यक्ष और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने को आसान बनाया जा रहा है. इसके लिए शुरुआत में जीएसटीआर-3बी और एक सप्लाई इनवॉइस होगा. उन्होंने बताया कि बैठक में इस पर चर्चा तो की गई है, लेक‍िन फिलहाल इसे लागू नहीं किया जा रहा है.

 

तैयार होगा सिंगल फॉर्मेट

उन्होंने बताया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता  में बना मंत्र‍ियों का समूह और नंदन निलेकणी रिटर्न के लिए सिंगल फॉर्म का बेहतर फॉर्मेट तैयार कर सकते हैं. जेटली ने कहा कि यह तैयार होने के बाद इसे मंजूरी दी जा सकती है. पर‍िषद की योजना ये है कि नये प्लान के तहत जीएसटीआर 1, जीएसटीआर 2 और जीएसटीआर 3 को खत्म किया जाएगा और इसकी जगह कारोबारियों को शुरुआत में जीएसटीआर-3बी भरना होगा. इसके साथ ही उन्हें सप्लाई इनवॉइस अपलोड करना होगा.

और आसान होगा रिटर्न फाइल करना

एक अध‍िकारी ने बताया कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को और दुरूस्त किया जाएगा. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कारोबारियों को सिर्फ सप्लाई इनवॉइस अपलोड करना पड़ सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अभी मासिक स्तर पर होने वाली रिटर्न फाइलिंग आने वाले समय में सालाना स्तर पर की जा सकती है.

मौजूदा समय में ये हैं फॉर्म

जीएसटीआर-1  :  यह मासिक रिटर्न का एक फॉर्म है, जिसमें कारोबारी को सभी तरह की बिक्री का ब्यौरा देना होता है.

जीएसटीआर-2  : मासिक रिटर्न का एक और फॉर्म है, जिसमें कारोबारी को उसके स्तर पर की गई खरीदारी का ब्यौरा देना होता है.

जीएसटीआर-3 : यह फॉर्म जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-2 में दी गई डिटेल के आधार पर ऑटो जनरेट किया जाता है. इसमें बिक्री, खरीदारी के साथ इस पर लगने वाले जीएसटी की पूरी जानकारी होती है.

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