समाज्ञा

ज्ञान सिंह को सदन में श्रद्धांजलि

-सभी दलों के नेता रहे उपस्थित

-मंगलवार को चाचा का हुआ निधन

कोलकाता : वर्ष 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ महात्मा गांधी द्वारा शुरू भारत छोड़ो आंदोलन से प्रेरित होकर कांग्रेस से जुड़े वयोवृद्ध कांग्रेस नेता व 10 बार के विधानसभा सदस्य ज्ञान सिंह सोहन पाल को बुधवार को विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी, सदस्यों व अन्य नेताओं ने अंतिम श्रद्धांजली दी। पहली बार 1969 में खड़गपुर सीट से जीतने के बाद चाचा लगातार कांग्रेस की टिकट पर जीत का परचमा फहराते है। कांग्रेस नेता का 92 साल की उम्र में महानगर के एक अस्पताल में मंगलवार को निधन हो गया था।

इससे पहले राजनीतिक क्षेत्र में चाचा का नाम से विख्यात सिंह का शव कांग्रेस मुख्यालय विधान भवन से जुलूस के साथ विधानसभा पहुंचा। यहां स्पीकर विमान बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, वाम परिषदीय दल के नेता सुजन चक्रवर्ती, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक मनोज भट्टाचार्य सह अन्य विधायकों ने चाचा को माल्यार्पण कर अंतिम विदाई दी। वे जीवन के अंतिम चुनाव में 2016 में चुनाव हार गए थे। उनकी मृत्यु पर स्पीकर ने कहा कि हमने एक बड़े राजनीतिज्ञ व जननेता खो दिया। मन्नान ने कहा कि यह कांग्रेस व जनता की बड़ी क्षति है।