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सरकार ने 25 प्रतिशत के रियायती शुल्क पर तीन लाख टन चीनी आयात की अनुमति दी

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) सरकार ने त्यौहारी मौसम के दौरान चीनी की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के ध्येय से 25 प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख टन कच्ची चीनी का आयात करने को आज मंजूरी दे दी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतें नियंत्रित रखने के लिए 25 प्रतिशत शुल्क के रियायती शुल्क पर तीन लाख टन कच्ची चीनी के आयात की मंजूरी दी है। इससे बाद में सफेद चीनी बनाई जायेगी। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम घटने के बाद विदेशों से इसके भारी आयात पर अंकुश रखने के लिये चीनी पर आयात शुल्क 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था।

दुनिया में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत में चीनी का उत्पादन सितंबर में समाप्त होने जा रहे उत्पादन सत्र 2016..17 में घटकर 2.1 करोड़ टन रह जाने का अनुमान है जो उत्पादन उसके पूर्व के वर्ष में 2.5 करोड़ टन रहा था। देश में चीनी की वार्षिक मांग 2.4 से 2.5 करोड़ टन की है।

सरकार ने चीनी की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए अप्रैल में पांच लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात को अनुमति प्रदान की थी।

सरकार ने त्यौहारों के दौरान चीनी के दाम नियंत्रण में रखने के लिए अगले दो महीने के दौरान चीनी मिलों पर चीनी स्टॉक रखने की सीमा लागू की है।

पिछले महीने सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार सितंबर अंत तक कोई भी चीनी मिल पूरे विपणन वर्ष 2016..17 में कुल उपलब्ध चीनी का 21 प्रतिशत से अधिक चीनी स्टॉक नहीं रख सकतीं तथा अक्तूबर माह में आठ प्रतिशत से अधिक चीनी स्टॉक नहीं रख सकती है।

खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमत 42 रुपये किलो है जबकि ब्रांडेड चीनी 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफेद चीनी का दाम आठ प्रतिशत गिरा है जबकि कच्ची चीनी की कीमत में स्थिरता रही। इस दौरान चीनी के थोक बिक्री भाव भी यथावत रहे।