सिगरेट से ज्यादा हानिकारक होता है अगरबत्ती का धुआं! जानें क्या कहता है शोध

अगरबत्ती और धूपबत्ती से उठने वाला धुआं आपको श्वसन संबंधी दिक्कतों के अलावा सरदर्द, दिल की बीमारी या फिर कैंसर तक का शिकार बना सकता है।

धार्मिक पूजा-पाठ के लिए इस्तेमाल होने वाली अगरबत्ती को लेकर 2013 में एक शोध किया गया था और यह दावा किया गया था कि अंगरबत्ती या धूपबत्ती से निकलने वाला धुआं सिगरेट से निकलने वाले धुएं से ज्यादा नुकसानदेह होता है। अगरबत्ती और धूपबत्ती का इस्तेमाल लोगों के घरों, मजारों और मंदिरों में बहुतायत मात्रा में किया जाता है। सुगंधित धुओं वाले अगरबत्ती को आस्थामय माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सबको इस बात का पता नहीं है कि इससे उठने वाला धुआं आपके लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकता है।

अगरबत्ती और धूपबत्ती से उठने वाला धुआं आपको श्वसन संबंधी दिक्कतों के अलावा सरदर्द, दिल की बीमारी या फिर कैंसर तक का शिकार बना सकता है। नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च में इस बात का दावा किया गया है। शोध में कहा गया है कि अगरबत्ती से निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाइ ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड किसी के भी फेफड़ों को खराब कर सकती हैं। इसका प्रभाव बिल्कुल सिगरेट के धुएं जैसा होता है। शोध में ऐसे दो तरह की अगरबत्तियों का इस्तेमाल किया गया था जो तकरीबन 96 प्रतिशत घरों में इस्तेमाल की जाती थीं। इन अगरबत्तियों को तीन घंटे तक जलाकर एक कमरे में मानवीय फेफड़ा-कोशिकाओं के साथ रखा गया था। तकरीबन 24 घंटे बाद जब ह्यूमन लंग्स सेल्स की जांच की गई तो पाया गया कि इससे निकलने वाली गैसें फेफड़ों को खराब करने की क्षमता रखती हैं। इस शोध से पूर्व 2008 में हुए एक शोध में भी यह बात सामने आई थी कि अगरबत्तियों का इस्तेमाल रेस्पिरेटरी कैंसर का कारण हो सकता है। इसके अलावा अगरबत्ती का धुआं अस्थमा के मरीजों के लिए भी काफी खतरनाक होता है। जिन घरों में नियमित तौर पर अगरबत्ती और धूपबत्ती का इस्तेमाल होता है वहां रहने वाले लोगों में अक्सर अस्थमा के लक्षण देखें जाते हैं।

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