BCCI की नई एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी ने मीडिया मैनेजर समेत कई इम्प्लॉइज को हटाया

कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स के मेंबर्स विनोद राय (दाएं से पहले), विक्रम लिमये (बीच में) और डायना इडुल्जी।

 

नई दिल्ली. BCCI की नई एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी ने बोर्ड के मीडिया मैनेजर समेत कई इम्प्लॉईज को हटा दिया है। इन सभी का अप्वॉइंटमेंट बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर और सेक्रेटरी अजय शिर्के ने किया था। दिल्ली और पुणे में बीसीसीआई के ऑफिस बंद कर दिए गए हैं। ये फैसले बोर्ड की 1 फरवरी को हुई मीटिंग में लिए गए। क्यों हटाए गए मीडिया मैनेजर….
– अंग्रेजी अखबार डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के मीडिया मैनेजर निशांत जीत अरोरा पर आरोप था कि वो टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की बातों को लीक कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बातें अनुराग ठाकुर तक पहुंचाई जा रहीं थीं।
– रिपोर्ट में कहा गया है कि अरोरा ने दिल्ली ऑफिस को बंद करने के फैसले के बाद पिछले हफ्ते खुद ही इस्तीफा दे दिया था। नई एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी अरोरा को मुंबई शिफ्ट करने की तैयारी में थी। ये भी कहा गया है कि कमेटी ने उनके सामने हैदराबाद जाने का ऑप्शन भी रखा था लेकिन वो इसके लिए भी तैयार नहीं थे। बता दें कि हैदराबाद में ही टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ 9 फरवरी से एकमात्र टेस्ट खेलने वाली है।
एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी ने क्या कहा?
– एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी की मेंबर डायना इडुल्जी ने कहा- हमने किसी को हटने के लिए नहीं कहा। बल्कि सिर्फ दिल्ली ऑफिस को बंद करने का फैसला लिया गया। हमने निशांत का नाम नहीं लिया था। लेकिन अगर वो दिल्ली ऑफिस के लिए ही रिक्रूट किए गए थे तो फिर उन्हें जाना होगा। वैसे आखिरी फैसला बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी लेंगे। अरोरा की जगह कौन लेगा? इसका फैसला भी जौहरी को ही करना है।
– बता दें कि अरोरा 18 महीने से बोर्ड के मीडिया मैनेजर थे। टीम इंडिया के साथ वो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, वेस्ट इंडीज और बाकी कुछ जगहों पर भी गए।
और क्या फैसले हुए मीटिंग में?
– इम्प्लाॅईज को हटाने पर फैसला नई दिल्ली में 1 फरवरी को हुई COA की मीटिंग में लिया गया।
– कमेटी ने ये भी तय किया कि कमेटी की परमिशन के बिना नए स्टाफ को रिक्रूट नहीं किया जाएगा।
– हालांकि IPL को करीब देखते हुए कमेटी ने बीसीसीआई के CEO राहुल जोहरी को नए स्टाफ की भर्ती की छूट दी है। हालांकि ये रिक्रूटमेंट भी चार महीने से ज्यादा के लिए नहीं किए जा सकेंगे।
– इसके अलावा COA ने बीसीसीआई के अलग-अलग टेंडर्स के लिए नए डायरेक्शन जारी करने का फैसला भी लिया है। इसका सबसे पहला असर टीम स्पॉन्सरशिप राइट्स पर पड़ेगा।
30 जनवरी को बनी थी सीओए
– सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई का एडमिनिस्ट्रेशन चलाने के लिए 30 जनवरी को 4 एडमिनिस्ट्रेटर्स की कमेटी (सीओए) बनाई थी।
– इसका प्रेसिडेंट पूर्व कैग (कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) विनोद राय को बनाया गया है।
– राय के अलावा इस कमेटी में हिस्टोरियन रामचंद्र गुहा, बैंकर विक्रम लिमये और टेस्ट क्रिकेटर रहीं डायना इडुल्जी हैं।
– बता दें कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं करने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी को बीसीसीआई प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर और सेक्रेटरी अजय शिर्के को हटा दिया था।
बीसीसीआई के इलेक्शन तक रहेंगे एडमिनिस्ट्रेटर
– कोर्ट ने 24 जनवरी को हुई पिछली सुनवाई में साफ किया था कि कोर्ट की ओर से अप्वाइंट किए जा रहे एडमिनिस्ट्रेटर्स बीसीसीआई में अगले इलेक्शन होने तक ही काम करेंगे।
– बता दें कि एमिकस क्यूरी अनिल दीवान और गोपाल सुब्रमण्यम ने 20 जनवरी को हुई सुनवाई में एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए कोर्ट को 9 नाम सौंपे थे।
-उनमें कुछ 70 साल से ज्यादा उम्र वालों के थे। 24 जनवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इसे लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के खिलाफ बताया था।

इसलिए हटाए गए थे अनुराग और शिर्के
-2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई प्रेसिडेंट और अजय शिर्के को सेक्रेटरी की पोस्ट से हटा दिया था।
– इन दोनों को बोर्ड में ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही तय करने में फेल रहने पर हटाया गया था।
– सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि ठाकुर और शिर्के ने कोर्ट के 18 जुलाई 2016 के ऑर्डर का पालन नहीं किया।

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