समाज्ञा

बिहार के बाबुओं का नहीं छूट रहा VIP स्टेटस मोह, बरकरार हैं बत्तियां

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 1 मई से किसी भी वाहन पर लाल या नीली बत्ती लगाने पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया है. इसके बावजूद भी बिहार सरकार के कई नौकरशाह और बाबू अब भी धड़ल्ले से नीली बत्ती का प्रयोग कर रहे हैं. इन बाबुओं की हरकत से ऐसा लगता है मानो इन्हें VIP स्टेटस से हाथ धोना कतई गवारा नहीं.

पटना स्थित पुराने और नए सचिवालय में एक चक्कर लगाने पर ही ऐसी कई सरकारी गाड़ियां नजर आ जाती हैं जिन पर नीली बत्तियां लगी हैं. लाल और नीली बत्ती के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का आखिर कितना असर हुआ इसको जांचने के लिए आज तक की टीम मंगलवार को पटना के नए और पुराने सचिवालय पहुंची.

नए सचिवालय पहुंचने पर उनकी नजर पहलेपहल कृषि विभाग के बाहर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रधान सचिव सुधीर कुमार की सरकारी गाड़ी पर पड़ी. इस गाड़ी पर अब भी नीली बत्ती लगी हुई थी. नए नियमों के लागू होने के 2 दिन के बाद भी कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने नीली बत्ती नहीं उतारी. हालांकि आज जब आज तक के कैमरे ने जैसे ही नियमों की अनदेखी की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करना शुरू किया तो प्रधान सचिव महोदय ने ड्राइवर को भेजकर तुरंत ही नीली बत्ती हटवा दी.

पुराने सचिवालय में भी दिखीं ऐसी स्थितियां
इसके बाद आज तक की टीम पुराने सचिवालय पहुंची. वहां भी हालात कुछ ऐसे ही दिखे. नए सचिवालय में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव और बोर्ड ऑफ रेवेन्यु के आप्त सदस्य की गाड़ियां दिखीं. इन दोनों गाड़ियों पर भी नीली बत्तियां अब भी लगी हुई हैं. इसके अलावा नए सचिवालय में पर्यटन विभाग की भी एक गाड़ी खड़ी थी. इस पर भी नीली बत्ती लगी हुई थी. ड्राइवर आज तक का कैमरा देखते ही मौके से फरार हो गया.

यहां हम आपको बताते चलें कि बिहार के नौकरशाहों और बाबुओं के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भी इस मामले में हीलाहवाली कर रहे हैं. राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने भी अपनी गाड़ी पर से लाल बत्ती हटाने से इंकार कर दिया है.