समाज्ञा

फर्जी मेडिकल बोर्ड तक पहुँची सीआईडी की तलाश एमबीबीएस डिग्री बेचने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

30 सालों से कर रहा था फर्जीवाड़ा

देश भर में फैला है जाल

विदेशी छात्रों को बेची फर्जी डिग्रियां

कोलकाता, समाज्ञा रिपोर्टर

फर्जी डॉक्टर रैकेट मामले की जाँच में जुटी सीआईडी को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। सीआईडी अधिकारियों को एक ऐसे ‘फर्जी मेडिकल बोर्ड’ का पता लगा है जिसने कई विदेशी छात्रों को फर्जी डिग्रियां दी हैं। फर्जी मेडिकल बोर्ड चलाने के आरोप में सीआईडी ने रमेश चंद्र बैद्य को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। वह उत्तर 24 परगना जिले के बारासात का निवासी है। गुरुवार को सीआईडी को चेन्नई एयरपोर्ट से सूचना मिली थी कि रमेश यहां आने वाला है। सूत्रों के अनुसार अभियुक्त अल्टरनेटिव मेडिकल काउंसिल कलकत्ता, बारासात का सचिव है। उसे आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 471, 472, 474, 120बी के तहत ठगी, धोखाधड़ी, नकली दस्तावेज बनाने, नकली दस्तावेज का असली के रूप में प्रयोग में लाने, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके बारासात स्थित कार्यालय में सीआईडी की टीम ने गत मंगलवार को ही छापा मारा था लेकिन वह किसी तरह फरार होने में सफल हो गया था। गुरुवार को सूचना मिली कि वह चेन्नई से गुरुवार को कोलकाता में इंडिगो की फ्लाइस से शाम पाँच बजे उतरने वाला है। सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया रमेश बड़ा चालाक है। उसके बारे में सूचना मिली थी कि वह प्लेन में सवार होने वाला है लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए उस फ्लाइट से उतर गया। इसके बाद उसने इंडिगो में अपना टिकट बुक कराया।

सीआईडी सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त अल्टरनेटिव मेडिकल काउंसिल कलकत्ता के तहत फर्जी मेडिकल काउंसिल का मुख्य कर्ताधर्ता है। यह काउंसिल एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस, जीएनएम, एएनएम, पीएचडी, डीएमएलटी, एक्स रे टेक्निशियन, वेटरनिटी डिग्रियां देती है। इस काउंसिल ने देशभर में फर्जी मेडिकल कॉलेजों को अपनी संबद्धता भी देती है। रमेश चंद्र बैद्य ने अमेरिका, इटली, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, रूस, मलेशिया और अफ्रीका के छात्रों को मेडिकल की डिग्रियां मुहैया करायी हैं। पैसे के बदले काउंसिल की ओर से मिनटों में डिग्रियां व फर्जी मेडल भी दिया जाता था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह करीब 30 सालों से इस गोरखधंधे से जुड़ा हुआ है। फर्जी डॉक्टर रैकेट में गिरफ्ता किया गया खुशीनाथ हाल्दार ने अपना फर्‌जी सर्टिफिकेट इसी फर्जी मेडिकल कॉउंसिल से लिया था।

रमेश चंद्र बैद्य के खिलाफ विधाननगर के इलेक्ट्रॉनिक कांप्लेक्स व दक्षिण विधाननगर थाने में दो मामले दर्ज हैं। गत 24 अप्रैल को वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल ने शिकायत दर्ज करायी थी कि अल्टरनेटिव मेडिकल काउंसिल कलक्ता एक फर्जी बोर्ड है। इसके आधार पर बीते 23 मई को सीआईडी ने रमेश के बारासात स्थित कार्यालय पर छापा मारा। वहां कंप्यूटर के हार्ड डिस्क से सीआईडी ने कई फर्जी मार्कशीट, एमबीबीएस के छात्रों के रिकॉर्ड बरामद किए हैं। सीआईडी को ऐसे विश्वविद्यालयों के करीब 560 फर्जी मार्कशीट मिले हैं जिनका कभी काउंसिल से संबद्धता नहीं रही।

ज्ञात हो कि सीआईडी ने हाल ही में तीन फर्जी डॉक्टरों – कैसर आलम, खुशीनाथ हाल्दार व स्नेहाशिष चक्रवर्ती को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। इनमें से कैसर आलम महानगर के प्रसिद्ध रूबी अस्पताल में काम कर चुका है। उसकी नियुक्ति के मामले में सीआईडी रूबी अस्पताल के पूर्व नियुक्ति बोर्ड के एक अधिकारी से पूछताछ की है जबकि दो अन्य को तलब किया गया है।