महाराष्ट की तर्ज पर सरकार से संवाद करें मप्र के आंदोलनकारी किसान : कृषि राज्य मंत्री

इंदौर, 12 जून : केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरषोम रूपाला ने मध्यप्रदेश में एक जून से आंदोलन कर रहे किसानों से आज अपील की कि वे महाराष्ट के कृषकों की तर्ज पर राज्य सरकार से बातचीत के जरिये अपनी समस्याओं का हल खोजने कोशिश करें। हालांकि, उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की आंदोलनकारी किसानों की मुख्य मांग पर केंद्र का रख स्पष्ट नहीं किया।

रूपाला ने जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर तिल्लौर खुर्द गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, जिस तरह महाराष्ट के आंदोलनकारी किसानों ने प्रदेश सरकार से बातचीत कर अपनी मांगों को पूरा कराने का रास्ता ढूंढ लिया, उसी तरह मध्यप्रदेश और अन्य सभी सूबों के कृषकों को वहां की सरकारों से संवाद के जरिये अपनी समस्याओं का हल तलाशने की कोशिश करनी चाहिये। मध्यप्रदेश के आंदोलनकारी किसानों की मुख्य मांग है कि कृषि क्षेत्र का संकट दूर करने के लिये स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें तुरंत लागू की जायें और इनके मुताबिक उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलवाया जाये।

यह पूछे जाने पर कि इस मांग के मद्देनजर केंद्र सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें कब तक लागू करने जा रही हैं, कृषि राज्य मंत्री ने सीधा जवाब टालते हुए कहा, आप  इस एक मुद्दे की बात कर रहे हैं। अगर मैं इस बात का जवाब दूंगा, तो आप मेरे सामने दूसरी बात रख देंगे। सभी मुद्दे हमारी निगाह में हैं और हमें सारे मुद्दों के हल बातचीत के जरिये तलाशने की कोशिश करनी चाहिये।

भाजपा के राष्टीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में एक बयान में संदेह जताया था कि मध्यप्रदेश के मंदसौर.नीमच क्षेत्र में किसानों को हिंसक प्रदर्शनों के लिये भड़काने में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के गुजरात से ताल्लुक रखने वाले युवा नेता हादर्कि पटेल का हाथ हो सकता है।

पाटीदार समुदाय के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले रपाला ने इस बयान के बारे में पूछे जाने पर पटेल का नाम लिये बगैर कहा, मैं आरोप.प्रत्यारोप की राजनीति में विश्वास नहीं रखता। मेरा किसानों से इतना ही निवेदन है कि प्रधानमंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का मन उनसे बातचीत के लिए खुला है, तो वे वार्ता के जरिए अपनी समस्याओं का हल ढूंढने की कोशिश करें। मीडिया से बातचीत से पहले कृषि राज्य मंत्री ने तिल्लौर खुर्द गांव में दिवंगत भाजपा नेता कैलाशचंद्र पाटीदार की मूर्त के अनावरण समारोह में शिरकत की। उन्होंने अपने सम्बोधन के दौरान मध्यप्रदेश के किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर जिले में मारे गये छह लोगों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

रूपाला ने कहा, हम किसान आंदोलन के हालात पर नजर रखे हुए हैं। मैं सरकार के सम्बन्धित विभागों के सामने किसानों के मुद्दों को रखने की कोशिश करूंगा। हम इन मुद्दों के विषय में तमाम जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है और राज्य सरकार ने किसानों को दिये जाने वाले कर्ज की दर को घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया है।

रूपाला ने आंदोलनरत किसानों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा, मध्यप्रदेश सरकार किसानों की बात सुनने के लिए सदैव तैयार दिखती है। किसान अपनी परेशानियों को लेकर प्रदेश सरकार से सीधी बात करें।

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