दार्जिलिंग :बंद से अस्त-व्यस्त जन-जीवन आाईटीआई को खाक करने कोशिश

 

-जगह-जगह पथावरोध, तोड़फोड़

-गोजमुमो की अहम बैठक आज

दार्जिलिंग/कोलकाता : भाषाई आंदोलन के नाम पर हिंसा फैला रहे गोजमुमो समर्थकों ने बंद के दौरान जम कर हिंसा की। उन्होंने जगह-जगह पथावरोध किया। वाहनों को रोक दिया। उनके नम्बर प्लेट तोड़ दिए गए। इतना ही नहीं आंदलनकारियों ने मत्पर में निर्माणाधीन आईटीआई कैम्पस को आग के हवाले कर खाक करने की कोशिश की। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि गोजमुमो समर्थकों ने पेट्रोल छिड़क कर खिड़कियों को बंद कर आग के हवाले कर दिया। लेकिन मजदूरों व स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर जल्दी ही काबू कर लिया गया। पीड़ित पर्यटकों ने कहा कि गोजमुमो समर्थकों ने कर्सियांग व सुकमा में जबरन वाहनों को रोक दिया। उनके नम्बर प्लेट तोड़ दिए गए। राजमार्ग संख्या 55 पर पथावरोध किया गया जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, खबर मिलते ही पुलिस व सेना जवानों ने पहुंच कर यातायात शुरु किया। इस बीच शनिवार को मोर्चो की अहम बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

पर्रटकों से भरे दार्जीलिंग में गुरुवार को उस वक्त काफी हिंसा हुई जब गोजमुमो समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई और उन्होंने कई सरकारी गाड़िरों में आग लगा दी। दार्जीलिंग में दुकानें, खाने-पीने की जगहें और बाजार शुक्रवार को भी बंद रहे रद्यपि प्रदेश सरकार ने बसों का इंतजाम किरा है जिससे पर्रटक सिलिगुड़ी जा सकते हैं। ममता बनर्जी गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद रहीं रुक गरी थीं और उन्होंने पर्रटकों से कहा कि डरने की जरूरत नहीं है।

स्थिति निरंत्रण में :

राज्र सरकार की तरफ से कलिम्पोंग और कर्सियांग में सावधानी बरतते हुए सेना के लिरे अनुरोध किरा गरा था जबकि दार्जिलिंग में गुरुवार को बड़े पैमाने पर हुई हिंसा हुई। काफी आगजनी व तोड़फोड़ के बाद राज्य सरकार ने सेना बुलाई थी। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि सेना की 6 कंपनियों के अलावा सीआरपीएफ की तीन कंपनिरों को भी तैनात किरा गरा है। उन्होंने कहा कि सेना ने दार्जिलिंग,कर्सियांग व कलिम्पोंग में सेना व सीआरपीएफ जवानों ने में फ्लैग मार्च किरा। फिलहाल वहां स्थिति नागरिक प्रशासन निरंत्रण में है।

कमेटी बनी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारिरों(जावेद शमीम, सिद्धिनाथ गुप्ता व अजय नंदा) की एक समिति दार्जिलिंग में कानून-व्रवस्था की स्थिति को देखने के लिरे बनाई गई है। तीनों के पास पहाड़ पर काम करने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि पर्रटकों के दार्जिलिंग से सिलिगुड़ी लौटने के लिरे इंतजाम किरे गरे हैं। राज्र सरकार ने पर्रटकों को सिलिगुड़ी और कोलकाता ले जाने के लिरे बसों का इंतजाम भी किरा है।

पहाड़ पर फंसे पर्यटक :

परिवहन विभाग ने पहाड़ पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकलने के लिए काफी तैयारी की लेकिन वहां पर्यटकों की संख्या अधिक होने से स्थिति मेंं सुधार नहीं हुआ। बंद के दौरान पहाड़ पर शुक्रवार शाम को भी हजारों की संख्या में पर्यटकों को चकबाजापर व दूसरे बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते देखा गया। पता चला है कि पर्यटकों की संखाया उम्मीद से अधिक है। सबसे खराब हालत बाहरी राज्यों से पहुंचे पर्यटकों की है। उनका आरोप है कि बसों की संख्या काफी कम है। उन्हें बाहर निकलने के लिए कोई सही मार्ग दर्शन नहीं मिल रहा है। आसमान के नीचे सामानों के साथ पर्यटक रात गुजारने के लिए लाचार हैं। वैसे मुख्यमंत्री के अनुरोध पर बागडोगरा हवाई अड्डे से विमानों ने उड़ान भरा।

विशेष विमान : नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्पाइस जेट ने शनिवार को पहाड़ पर फंसे पर्यटकों के लिए विशेष विमान सेवा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। कोलकाता से बागडोगरा के लिए विशेष विमान दोपहर बाद 4.55 बजे उड़ान भरेगा जो वहां 6.15 बजे पहुंचेगा। विमान वहां से 6.35 बजे उड़ान भरेगा जो कोलकाता 7.55 बजे पहुंचेगा। ऐसा विभाग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुरोध पर पर्यटकों को सुरक्षित निकलने के लिए किया है। इस बीच शुक्रवार शाम 6 बजे के बाद 30 बस व 9 टाटा सूमो से पर्यटकों ने बंद के बाद पहाड़ छोड़ा। एररलाइन इस विशेष उड़ान के लिए क्रू 400 विमान को लगाएगी, जिसमें 78 रात्री बैठ सकेंगे।

भानू भवन बंद : पुलिस द्वारा शुक्रवार सुबह भानू भवन कब्जे में लेने के साथ ही जिला कलक्टर ने उसे दो माह के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया। नोटिस जारी करते हुए कलक्टर ने कहा कि अगर कोई आदेश का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसे 2 माह तक की जेल व ओक हजार रुपए तक का जुर्माना तक हो सकता है।

कर्मियों की उपस्थिति सामान्य ः पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंद का सरकारी कार्यालयों में कोई असर नहीं रहा। उन्होंने कहा कि ‘हालात निरंत्रण में है और दार्जीलिंग, कलिम्पोंग, कर्सिरांग और मिरिक में सरकारी दफ्तरों में 98 से 100 प्रतिशत उपस्थिति रही। सरकारी कर्मियों ने बंद का समर्थन नहीं किया।

गुरुंग की सुरक्षा हटी : जिला प्रशासन ने गोजमुमो सुप्रीमो विमल गुरुंग की सरकारी सुरक्षा हटा ली है। उनके खिलाफ पुलिस ने कई गैर जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने गुरुवार रात उन्हें दबोचने के इरादे से घर भी गई थी लेकिन वे घर पर नहीं थे।

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