नक्सल विरोधी कोष, प्रशिक्षण कम किये जाने पर नीतीश ने केंद्र की आलोचना की

नयी दिल्ली, आठ मई : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान के लिये अहम योजनाओं के फंड रोके जाने तथा नक्सल विरोधी अभियानों में बलों की त्वरित तैनाती के लिये राज्य की हेलीकॉप्टर की मांग ठुकराने पर आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की।

गृह मंत्रालय द्वारा यहां वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कुमार ने कहा कि देश के 35 नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले उनके राज्य के हैं। यहां नक्सलियों द्वारा 2011 और 2016 के बीच हिंसक घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है जो 316 से घटकर 129 हो गयी हैं।

कुमार ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों में सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर असमानताओं को दूर करने के लिये विशेष आधारभूत संरचना योजना, एकीकृत कार्य योजना और सुरक्षा संबंधी व्यय जैसी कुछ योजनायें शुरू की थीं।

कुमार ने कहा, ‘‘इन योजनाओं के अच्छे नतीजे आ रहे थे। पिछले साल से विशेष आधारभूत संरचना और एकीकृत कार्य योजनाओं को बंद कर दिया गया और अफसोस यह ऐसे वक्त हुआ जब हमें उम्मीद थी कि सरकार इन योजनाओं को और मजबूत बनाते हुये संसाधनों को बढ़ायेगी।’’

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