ड्रोन से पटरियों की निगरानी करेगा रेलवे, हादसे होंगे कम

पिछले साल हुए रेल हादसों को देखते हुए रेलवे में अब पटरियों की निगरानी ड्रोन से कराने का फैसला लिया है. ड्रोन की मदद से न केवल पटरियों की देखरेख की जाएगी बल्‍की निर्माण कार्य, ट्रेन के परिचालन और महत्‍वपूर्ण कार्यों की गतिविधियों की भी जानकारी हासिल की जा सकेगी.

रेलवे ने अपनी परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक नया तरीका अपनाने का फैसला किया है. भीड़ को संभालने तथा सभी मंडलों में रख-रखाव कार्यों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद लेने का फैसला लिया गया है. रेलवे ने एक बयान में कहा है कि रेलवे की विभिन्न गतिविधियों, खासकर परियोजनाओं की निगरानी और पटरियों तथा रेलवे की आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव के लिए कैमरे (यूएवी/ एनईटीआरए) का इस्तेमाल होगा. पश्चिम मध्य रेलवे ने मध्‍य प्रदेश के जबलपुर डिवीजन ने पहले से ही इन ड्रोनों को हासिल कर लिया है. इन ड्रोन का पश्‍चिमी मध्‍य रेलवे के तीनों डिवीजनों, जबलपुर डिवीजन, भोपाल डिवीजन और कोटा डिवीजन पर परीक्षण किया था.

सुरक्षा और दक्षता बढ़ाएगी तकनीक

यह ट्रेन परिचालन में सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने में तकनीक के इस्तेमाल की रेलवे की आकांक्षा के अनुरूप है. बयान में कहा गया कि राहत और बचाव अभियान की गतिविधियों की निगरानी, परियोजनाओं, महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति, पटरियों की स्थिति की निगरानी और निरीक्षण संबंधी गतिविधियों में यूएवी (मानव रहित विमान) या ड्रोन को तैनात किया जाएगा. इसका इस्तेमाल नॉन इंटरलॉकिंग कार्यों, त्योहार के दौरान भीड़ को संभालने, कबाड़ (स्क्रैप) की पहचान और स्टेशन यार्ड के हवाई सर्वेक्षण में भी होगा .

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