सरकार की सफाई: पिछले दो हफ्तों में एटीएम से दो महीने का नकद निकाला गया

देश के कई हिस्सों से कैश की कमी की खबरों के बाद केन्द्र सरकार सकते में आ गई है. वित्त मंत्रालय के दावे के मुताबिक यह कैश संकट एक झटके में देशभर के एटीएम से हुई निकासी के चलते पैदा हुआ है. आर्थिक मामलों के सचिव ने बताया कि पिछले 15 दिनों में सामान्य से तीन गुना ज्यादा नोटों की निकासी हुई है. वहीं वित्त मंत्रालय ने कम से कम 5 राज्यों में कैश की किल्लत की बात को माना है ममता बनर्जी ने इसे नोटबंदी पार्ट टू करार देते हुए दो और राज्यों का नाम दिया जहां कैश की किल्लत देखी जा रही है.

सरकार के मुताबिक जहां आम तौर पर एक महीने के दौरान 20 हजार करोड़ करेंसी की खपत होती है, वहीं अप्रैल के पहले 12-13 दिनों के दौरान लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की निकासी अलग-अलग तरीकों से की जा चुकी है. इन आंकड़ों के बावजूद केन्द्र सरकार ने दावा किया है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में करेंसी मौजूद है और अगले 2 से 3 दिनों के अंदर स्थिति को सामान्य कर लिया जाएगा. 

इस कैश संकट के बीच केन्द्र सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भरोसा दिलाया कि देश में नोटों की कोई कमी नहीं है. सरकार के पास अभी करीब 2 लाख करोड़ रुपये का भंडार है और पिछले 10-15 दिनों से 500 रुपये के नोटों की छपाई की रफ्तार भी बढ़ा दी है. वहीं दोनों वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने दावा किया कि करेंसी संकट को 3 दिन में दूर कर दिया जाएगा.

वित्त मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल के पहले दो हफ्तों के दौरान अप्रत्याशित कैश निकासी खासतौर पर आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और बिहार में हुई है और यही राज्य कैश संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. हालांकि वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए राज्यों के नाम में पश्चिम बंगाल शामिल नहीं है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री ने आगे आकर सबसे पहले देश में पनप रहे इस कैश संकट पर प्रतिक्रिया दी.

 

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