हरित अधिकरण ने 20 साल पुरानी रॉल्सरॉयस को दिल्ली में चलाने की नहीं दी अनुमति

नयी दिल्ली, आठ जून : रॉल्सरॉयस की पेट्रोल से चलने वाली एक क्लासिक मॉडल के मालिक को राष्ट्रीय हरित अधिकरण से कोई राहत नहीं मिली है। 1996 में इस कार को खरीदने वाले व्यक्ति ने वाहन पंजीकरण का नवीनीकरण कराने का अनुरोध किया था जिसे अधिकरण ने खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति जवाद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 15 वर्ष से ज्यादा पुराने पेट्रोल चालित वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध के राष्ट्रीय हरित अधिकरण के फैसले पर मुहर लग गयी है क्योंकि इसके खिलाफ दायर याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया है।

अधिकरण ने कहा, ‘‘इसके अलावा भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय ने सात अप्रैल, 2015 और 20 जुलाई, 2016 के हमारे आदेशों में बदलाव का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी, जिसपर सुनवायी हो चुकी है और एनजीटी प्रमुख की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा है।’’ अधिकरण ने हालांकि, दिल्ली निवासी को छूट दी है कि वह मंत्रालय की याचिका पर फैसला आने के बाद उसके आधार पर राहत पा सकते हैं।

कार मालिक अशोक कुमर जैन ने कहा कि उन्होंने 1995 में पेट्रोल से चलने वाली रॉल्सरॉयस कार खरीदी थी और 1,12,350 पाउंड का भुगतान करके 1996 में उसे आयात किया। यह राशि उस समय करीब एक करोड़ रूपये के लगभग थी, और इसमें सीमा शुल्क भी शामिल था।

आवेदनकर्ता ने कहा है कि उन्होंने ब्रिटेन में कार बनाने वाली कंपनी से संपर्क कर मौजूदा मानकों के अनुसार उसमें सुधार करने को कहा था। कंपनी ने कहा है कि मरम्मत और सुधार के बाद कार यूरो-चार मानदंड पर खरी उतरेगी।

उन्होंने अनुरोध किया था कि वाहन के पंजीकरण का नवीनीकरण कराने की अनुमति दी जाए, ताकि उसे मरम्मत और सुधार कर उसे यूरो-चार मानदंडों के अनुसार बनाने के लिए लंदन भेजा जा सके।

उन्होंने कहा, वाहन का बीमा है और उसके पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र भी है, लेकिन अधिकरण के आदेश के कारण पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *