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पश्चिमी रेलवे में दुर्घटनाओं में ‘महत्वपूर्ण’ कमी नौ महीने में केवल तीन दुर्घटना हुईं

मुंबई – पश्चिमी रेलवे ने आज कहा कि उसने कार्यस्थल निरीक्षण और महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशिक्षण सत्रों सहित सुरक्षा कदमों को मजबूत किया है जिसकी वजह से इसके सभी छह मंडलों में रेल हादसों में  महत्वपूर्ण कमी आई है।इसने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में इसके सभी मंडलों में रेल संबंधी आठ हादसे हुए थे, वहीं पिछले नौ महीनों में केवल तीन हादसे हुए।

पश्चिमी रेलवे के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र भास्कर ने कहा पिछले वित्त वर्ष में, सभी मंडलों में रेल संबंधी केवल आठ हादसे हुए थे। हमने जो सुरक्षा कदम उठाए हैं, उसके मद्देनजर हमें विश्वास है कि मौजूदा वित्त वर्ष में यह संख्या और कम होगी। मौजूदा वित्त वर्ष के पिछले नौ महीनों में केवल तीन रेल हादसे हुए हैं। यहां पश्चिमी रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि बढ़ाए गए सुरक्षा उपायों की वजह से अहमदाबाद, वड़ोदरा और राजकोट मंडलों में 2016-17 वित्त वर्ष के दौरान कोई रेल दुर्घटना नहीं हुई है।इसमें कहा गया मुंबई मंडल में इस साल रेल संबंधी हादसों में 75 प्रतिशत की कमी आई है। पूर्व के वित्त वर्ष की तुलना में रतलाम में रेल हादसों में 33 प्रतिशत की कमी आई है। बयान में कहा गया कि 2016-17 में मानवरहित फाटक पर कोई ट्रेन दुर्घटना नहीं हुई। ‘‘यहां तक कि इस साल सुरक्षा उपायों को इसी तरह बनाए रखने के लिए सभी सर्वश्रेष्ठ प्रयास किए जा रहे हैं। हाल के वर्षों में सिलसिलेवार रेल हादसों के चलते रेल मंत्रालय ने कड़े मानक तय किए हैं और रेल मंडलों से सुरक्षा मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करने को कहा गया है।रेल हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों के बारे में भास्कर ने कहा कि इंजीनियरिंग, सिग्नल और संचार विभागों के शाखा अधिकारी समय-समय पर निगरानी करते हैं और सुरक्षा विभाग भी पूरी निगरानी रखता है।उन्होंने कहा कि समय-समय पर निरीक्षण, नियमित सुरक्षा अभियान और सबसे महत्वपूर्ण सभी मानवरहित फाटकों पर गेट मित्रों की तैनाती ने हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।