शिवसेना ने किया BJP से नाता तोड़ने का ऐलान, अकेले लड़ेगी 2019 का चुनाव

एनडीए की सबसे पुरानी साझेदार रही शिवसेना ने 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है. शिवसेना राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया. हालांकि पार्टी केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ मिलकर चल रही गठबंधन सरकार का फिलहाल हिस्सा बनी रहेगी.

शिवसेना कार्यकारिणी की बैठक में वरिष्ठ संजय राउत ने एनडीए से नाता तोड़ने का प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया. संजय राउत ने इस प्रस्ताव में कहा, ‘बीजेपी से गठबंधन बनाए रखने के लिए हमेशा समझौता किया गया, लेकिन बीजेपी ने शिवसेना को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. शिवसेना अब गरिमा के साथ चल सकेगी.’

मुंबई के वर्ली में एनएससी ग्राउंड में मंगलवार को शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इसमें सर्वसम्मति से उद्धव ठाकरे को एक बार फिर शिवसेना प्रमुख चुना गया. जबकि, शिवसेना युवा के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को शिवसेना नेता चुना गया है. इस तरह आदित्य ठाकरे को शिवसेना में नंबर 2 की पोजिशन मिल गई है.

हर राज्य में हिन्दुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी शिवसेना

इस दौरान अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हिंदू वोट में फूट ना पड़े, इसलिए हम कभी महाराष्ट्र से बाहर नहीं निकले, लेकिन अब शिवसेना हर राज्य में हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी.

उद्धव ठाकरे ने इसके साथ नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही उन्हें कश्मीर की याद आती है. उन्होंने कहा, ‘आपकी छाती कितने इंच की है ये मायने नहीं रखता… उस छाती में कितना शौर्य है ये तो बताओ… मोदी नेतन्याहू को गुजरात क्यों लेकर गए, अगर आप (पीएम मोदी) मजबूत हैं तो उन्हें लेकर लाल चौक पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया?’

वहीं नौसेना को लेकर नितिन गडकरी के बयान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘गडकरी सेना का अपमान कर रहे हैं. वह कहते हैं नौसेना को सरहद पर क्यों नहीं जाती. मैं पूछना चाहता हूं कि आप सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय क्यों लेते हो, आप लोग सरहद पर जाते हो क्या?”

उद्धव ठाकरे ने साथ ही कहा, ‘जैसे गौ हत्या पाप है, उसी तरह बात फेंकना भी पाप है. अगर लोगों से झूट बोलकर सत्ता में आने वाले ऐसे लोगों को जेल में डाला जाने लगा, तो ना जाने कौन-कौन जेल में जाएगा.’

वहीं आदित्य ठाकरे में पार्टी में नंबर 2 की पोजिशन दिए जाने को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘आप चाहें तो इसे वंशवाद कहें, लेकिन हमें फर्क नहीं पडता… न जाने हमारी कितनी पीढियां समाज के लिए बलिदान करते रहे हैं. आदित्य भी इसे आगे ले जाएंगे.

बता दें कि बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी रही शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कुछ दिन पहले एनडीए से अलग होने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर जरूरत हुई, तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग होने में परहेज नहीं करेगी.`

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