हिंसा की गिरफ्त में पंचायत चुनाव 

भांगड़ में निर्दलीय उम्मीदवार की मौत, अराबुल गिरफ्तार 
सिर पर गोली लगने से हुई मौत
कोलकाता, समाज्ञा
पंचायत चुनाव से पहले ही हिंसा शुरू हो गयी है। भांगड़ के नतुनहाट में पंचायत चुनाव के प्रचार में निर्दलीय उम्मीदवार हाफिजुल मोला द्वारा निकाली गयी रैली में बम और गोली से हमला किया गया। घटना में हाफिजुल की मौके पर ही मौत हो गयी है। मृतक भांगड़ भूमि अधिग्रहण रक्षा कमेटी का सदस्य है। रैली में शामिल हुए लोगों ने आरोप लगाया कि रैली पर हमला तृणमूल नेता अराबुल इस्लाम के इशारे पर की गयी है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोपी अराबुल इस्लाम को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। आगे उन्होंने कहा कि यदि अराबुल दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश के कुछ घंटों बाद ही अराबुल को उसके घर के पीछे एक मैदान से गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बारूईपुर के एसपी अरिजीत सिन्हा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल को स्थिति पर नियंत्रण व आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गयी है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारी आरोपी के घर पर छापेमारी कर रही है। इलाके में काफी तनाव का माहौल है। 
घटना के बाद इलाके में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है। गाड़ियों में आग लगा दी गयी है। लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। आरोप है कि घटना के समय आरोपी अराबुल और उसका बेटा दोनों वहां पर मौजूद था। वहीं स्थानीय तृणमूल नेताओं ने कहा कि घटना के दौरान पार्टी कर्मी नतून बाजार हाट के पास थे और पहले आंदोलनकारियों द्वारा बम और गोली से हमले किए गए। इस दौरान तृणमूलकर्मी इलाके से चले गए। वहीं सुबह से ही आंदोलनकारी घर-घर जाकर तृणमूल के खिलाफ हमले का आरोप लगा रहे थे। आरोप है कि शुक्रवार को सुबह से ही क्षेत्र में रैली के दौरान अराबुल इस्लाम और उसके बेटे हाकिमुल इस्लाम के नेतृत्व में बाकुलतल्ला स्थित कई घरों पर हमले किए गए और महिलाओं के साथ बर्बरता 
की गयी।   गौर हो कि भांगड़ के पोलेरहाट स्थित दो ग्राम पंचायत में तृणमूल के खिलाफ चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में होने की वजह से ही अराबुल के समर्थकों द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया गया। 
इसपर बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि भांगड़ की समस्या भूमि की नहीं है। वहां पर तृणमूल के दो गुटों के संघर्ष का नतीजा है। क्षेत्र में जमीन और पैसे को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। यहां, भूमि आंदोलन के नाम पर, राजनीति पार्टी का एक गुट बहुत पैसा कमा रहा है। पावर ग्रिड से अरबों पैसे कमाएंगे। राज्य में कोई कानून और व्यवस्था नहीं है। ममता बनर्जी और पुलिस प्रसाशन पूरी तरह से विफल रहीं। पावर ग्रिड को बंद करने से दोनों पक्षों को प्रोत्साहित किया जाता है।
सीपीएम के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है। जहां तक भांगड़ की रैली का सवाल है तो यह एक निर्धारित रैली थी, मुझे भांगड़ के कई स्थानीय ग्रामीणों ने फोन कर बताया कि रैली पर बम और गोलियों द्वारा हमले किए गए। वहीं मैंने तत्काल डीजीपी और गृह सचिव को उक्त संदेश भेज मामले को जानना चाहा और चंद सेकंडों के भीतर जानकारी प्राप्त की, कि एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। 

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