बिहार के माओवादियों को पहुंचाया जाता था इच्छापुर राइफल फैक्ट्री का राइफल -कोलकाता

एसटीएफ ने 6 को किया गिरफ्तार
कोलकाता, समाज्ञा
कोलकाता पुलिस के एसटीएफ विभाग ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के नाम अजय कुमार पाण्डेय उर्फ ग्ाुड्डू पंडित (40), जयशंकर पांडेय (36), उमेश राय उर्फ भोला राय (21), कार्तिक साव (40), सुखदा मुर्मु उर्फ मुनमुन (48) व सुशांत बसु उर्फ बासु दा (51) हैं। अजय बिहार के नालांदा और जयशंकर नवादा का रहने वाला है। उमेश और कार्तिक इच्छापुर स्थित नोआपाड़ा के रहते वाले हैं। वहीं सुखदा और सुशांत इच्छापुर स्थित नवाबगंज के रहने वाले हैं, सूत्रों के अनुसार यह दोनों अभियुक्त इच्छापुर राइफल फैक्ट्री के जूनियर वर्क्स मैनेजर बताए जा रहे हैं। डीसी एसटीएफ मुरलीधर शर्मा के बताया कि ग्ाुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर अजय, जयशंकर, उमेश व कार्तिक को हथियारों की लेनदेन करते हुए रविवार की शाम लगभग 4.15 बजे कोलकाता के बाब्ाूघाट से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान अभियुक्तों के पास से 7 रिवाल्वर, एक कारबाइन व 10 कारतूस जब्त किये गये हैं। वहीं अभियुक्त उमेश व कार्तिक के बयान के आधार पर छापामारी कर सुखदा व सुशांत को उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार इच्छापुर राइफल फैक्ट्री से चोरी किये गये हथियार बिहार के माओवादियों व बाहुबलियों तक पहुंचए जाते थे। कुख्यात अजय पांडेय ने पूछताछ के दौरान इस बात का ख्ाुलासा किया कि वह तस्करी किये गये हथियारों को बिहार के माओवादियों को बेचता था। इसके साथ ही कई बार उसने बाहुबलियों को भी हथियार बेचे हैं। उसने बताया कि वह एक बिचौलिये की मदद से उमेश व कार्तिक से हथियार मंगवाते थे। वहीं बताया जा रहा है कि बिहार के दोनों अभियुक्त बंगाल के अलावा अन्य राज्यों से भी हथियार की तस्करी करवाते थे। जैसे कि हाल ही में अभियुक्त अजय ने पंजाब से कुछ कारतूस मंगवाये थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि अभियुक्त अजय जब्त किये गये हथियारों को नेपाल भेजने की तैयारी कर रहा था।
अजय के खिलाफ कई मामले हैं दर्ज
अभियुक्त अजय वर्ष 2008 से हथियारों की तस्करी कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ बिहार के कई थानों में हथियार तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। अजय हमेशा एक बिचौलिये के जरिए ही हथियार मंगवाता था। 2 वर्ष पहले उसने 11 इंसास रायफल व 4 एसएलआई बंगाल से बिहार तक प्राइवेट गाड़ी के जरिए मंगवाई थी। एसटीएस सूत्रों के अनुसार अभियुक्त हमेशा बिचौलिये के जरिए हथियार मंगवाते थे मगर इस बार हथियार लेने के लिए वे ख्ाुद आए थे। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों अभियुक्त किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात की पुष्टि करने में ज्ाुटी हुई है।
हथियारों की चोरी चिंता का विषय
इस मामले में ऑर्डिनेंस फेक्ट्री बोर्ड के पीआरओ उद्दीपन मुखर्जी ने बताया कि उन्हें अभी तक जो भी जानकारी मिली है वह पत्रकारों से मिली है। औपचारिक तौर पर एसटीएफ द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गयी। उन्होंने बताया कि वे निजी स्तर पर डीसी एसटीएफ से मिले हैं और उन्हें यह बताया गया है कि जल्द ही औपचारिक तौर पर जानकारी दी जाएगी। दोनों कर्मियों के बारे में उन्होंने बताया कि दोनों फैक्ट्री के कर्मी हैं और जूनियर वर्क्स मैनेजर (ग्रुप बी) के पद पर नियुक्त हैं जो कि सुपरवाइजर के स्तर से एक स्तर ऊपर है। उन्होंने बताया कि हर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की सिक्यूरिटी प्रोटोकॉल होती है जिसकी बागडोर कर्नल रैंक के अफसर के पास होती है। हर फैक्ट्री की तरह उनकी फैक्ट्री में भी कांपनी सोल्जर्स तैनात हैं। हथियारों की चोरी चिंता का विषय है और इसके खिलफ कदम उठाए जा रहे हैं।

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