न्यायपालिका में केंद्र का हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए खतरा : ममता

कोलकाता ः देश के शीर्ष न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीश द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित कर मुख्य न्यायाधीश व शीर्ष न्यायालय के प्रशासनिक कार्यों पर उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। शुक्रवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि देश का नागरिक होने के चलते आज उन्हें काफी दुःख हो रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि न्यायपालिका व मीडिया लोकतंत्र के स्तंभ हैं जबकि न्यायपालिका में केंद्र का हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए खतरा है।

ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायधीश के बयान काफी चिंताजनक हैं। देश का नागरिक होनेके चलते आज काफी दुःख हो रहा है। न्यायपालिका व मीडिया के पक्ष में सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका व मीडिया, लोकतंत्र के स्तंभ हैं, न्यायपालिका में केंद्र का अतिरिक्त हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए खतरा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह बयान काफी अहम है क्योंकि शीर्ष न्यायालय के चार न्यायाधीश द्वारा पत्रकार वार्ता करने के बाद पहली प्रतिक्रिया उन्होंने ही दी है। इस बीच पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली ने भी चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि मुद्दे को लेकर काफी असहज अनुभव हो रहा है। ऐसा अपेक्षित नहीं था। लेकिन ऐसी एक घटना घटी है। निश्‍चय ही इसके पीछो कोई बड़ी घटना है। इससे आम लोग स्वाभावित तौर पर उद्वेलित होंगे।

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