पीएम की टिप्पणी की सीमा होनी चाहिए : ममता बनर्जी

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भाजपा के उकसावे पर दिया बयान

भाजपा माओवादियों संग ऑपरेट कर रही

कोलकाता, समाज्ञा

पंचायत चुनाव में बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है जो पूरे देश ने मीडिया के माध्यम से देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को दिल्ली पार्टी मुख्यालय में की गई इस टिप्पणी पर 48 घंटे बाद चुप्पी तोड़तीं हुइर्ं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी पर तीखा हमला किया। नवान्न में चुनावी नतीजों तृणमूल की भारी जीत पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी व बयान की एक सीमा रेखा होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा के उकसावे पर बंगाल के बारे में ऐसा गलत बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी भड़काऊ बयान था। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सीमा का अतिक्रमण नहीं था? इसकी एक सीमा होनी चाहिए। ममता ने कहा कि चुनावी तथ्यों के बारे में शीर्ष न्यायालय को गलत तथ्य देकर गुमराह किया गया। उन्होंने ने कहा कि हम 20 में 19 जिला परिषद जीत चुके हैं तथा शेष पर भी आगे ही रहेंगे। राज्य में चुनावी हिंसा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माकपा, कांग्रेस व माओवादियों ने हाथ मिलाया है। भाजपा भी माओवादियों के साथ साठगांठ कर ऑपरेट(काम) कर रही है। ममता ने कहा कि जिन सीटों पर चुनाव नहीं हुए, वहां विपक्षी दल अपना-अपना उम्मीदवार नहीं दे सके। लेकिन चुनाव के दिन झारखंड व असम से लोगों को लाया गया। हिंसा कराई गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में बीएसएम को मतदान केंद्रों पर देखा गया। यह गलत परम्परा है। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति नहीं ली गई। कानून-व्यवस्था राज्य सरकार का आंतरिक मामला है। मतदान के दिन रायगंज में एक चुनाव अधिकारी की मृत्यु के बारे में ममता ने कहा कि उसकी रेल हादसे में मृत्यु हुई थी। स्वयं ट्रेन चालक ने यह रिपोर्ट दी है। फिर भी सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा माओवादियों के साथ मिल कर ऑपरेट कर रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में माकपा व भाजपा को सबसे अधिक नुकशान हुआ है। ममता ने कहा कि विपक्षी दलों के एकजुट होने के बावजूद हमने 90 फीसदी सीटों पर जीत पाई जो हमारी जमीनी संगठन की मजबूती को दर्शाता है।

कर्नाटक के राज्यपाल पर निशाना : कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता देने संबंधी सवाल पर ममता ने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है। यहां किसी भी व्यक्ति विशेष की पसंद व नापसंद के लिए कोई स्थान नहीं होता है। भाजपा को रोकने के लिए ममता ने क्षेत्रीय दलों को एकजुट होने का भी आह्वान किया तथा कहा कि ऐसा समय व लोकतंत्र की मांग है।

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