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वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लौटी उजमा, वतन की मिट्टी को किया सलाम

नई दिल्ली.जबरदस्ती निकाह के बाद पाकिस्तान में फंसी दिल्ली की लड़की उज्मा आखिरकार गुरुवार को भारत लौट आई। वाघा बॉर्डर पर भारत की सीमा में कदम रखते ही उज्मा ने हिंदुस्तान की जमीन को चूमा और मिट्टी माथे से लगाई। सुषमा स्वराज ने दिल्ली में उज्मा से मुलाकात की। उन्होंने कहा, “भारत की बेटी का घर में स्वागत है।” सुषमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उज्मा और उसकी मदद करने वाले भारतीय हाईकमीशन के अफसर जेपी सिंह भी मौजूद थे। उज्मा ने कहा कि पाकिस्तान मौत का कुआं है। सुषमा ने कहा, “उज्मा तुम्हें धन्यवाद। तुमने भारतीय हाई कमीशन पर भरोसा जताया।” बता दें कि उज्मा ने ताहिर अली नाम के शख्स पर पाकिस्तान में जबरन निकाह करने का आरोप लगाया था और मदद के लिए इंडियन हाईकमीशन गई थी। पाक कोर्ट ने उज्मा को भारत भेजने और वाघा बॉर्डर तक सिक्युरिटी देने का ऑर्डर दिया था। उज्मा ने बताई टॉर्चर की कहानी…
 
 
– उज्मा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “मुझे हिन्दुस्तान आकर बेहद खुशी हुई। अब लग रहा है कि मैं खुली हवा में सांस ले रही हूं। मैं सुषमा मैडम को धन्यवाद देती हूं। मैं सिर्फ घूमने के लिए पाकिस्तान गई थी। वहां, ताहिर ने मुझे नींद की गोलियां देकर टॉर्चर किया। किडनैप कर मुझे एक अजीब से गांव में रखा। वहां के लोग और बोली बिल्कुल अलग थी। उसने मुझे डराया और बेटी को किडनैप करने की धमकी देकर साइन करा लिए थे।”
 
2-4 दिन और रुकती तो मार दी जाती
– “मैं अनाथ हूं। एडॉप्टेड डॉटर हूं। आज पता चला कि मेरे बारे में सोचने वाले कई लोग हैं। सुषमा मैडम मुझे लगातार फोन कर भरोसा दिलाती थीं। उन्होंने बार-बार कहा था- बेटी घबराओ मत, हम तुम्हारे लिए लड़ रहे हैं। मैं वहां दो-चार दिन और रुकती तो मार दी जाती या बेच दी जाती।”
– “मैं वहां से निकल कर आ गई। लेकिन वहां, बुनेर में कई विदेशी लड़कियां कैद हैं। वहां के ज्यादातर लोग मलेशिया में रहते हैं। वहीं से लड़कियां लाकर पाकिस्तान में कैद कर लेते हैं। मैं अब किसी लड़की को पाकिस्तान जाने की सलाह नहीं दूंगी। फिर चाहे वो मुस्लिम ही क्यों ना हो।”
 
वहां औरत तो क्या मर्द भी सुरक्षित नहीं
– उज्मा बोलीं, “मैं कई दिन तक इंडियन हाईकमीशन में रही। सुषमा मैम ने अफसरों से कहा था- कुछ भी हो जाए, बेटी को ताहिर को मत सौंपना। वो विदेश मंत्री हैं, लेकिन मेरी हर एक तारीख और बात उन्हें याद रहती थी। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई से पहले कहा- बेटी डरना मत तुम देश की बेटी हो, मेरी बेटी हो।”
– “पाकिस्तान जाना आसान है, लेकिन जिंदा लौटना मुश्किल। पाकिस्तान मौत का कुआं है। लड़कियां सोचती हैं कि वहां मुस्लिम कल्चर है तो पाकिस्तान अच्छा होगा। मैं कहती हूं कि वहां औरत तो क्या आदमी भी सेफ नहीं हैं। वो नर्क है। मैंने दुनिया देखी। पाकिस्तान, मलेशिया और सिंगापुर देख लिया। अपना हिन्दुस्तान सबसे अच्छा है। यहां औरतों का सम्मान है। मुझे भारत की बेटी होने पर गर्व है।”
 
#सुषमा ने क्या कहा
उज्मा ने बॉर्डर क्रॉस किया तो राहत की सांस ली
– सुषमा स्वराज ने कहा, “आज उज्मा ने बॉर्डर क्रॉस किया तो मैंने राहत की सांस ली। फोन पर थोड़ी ही बात हो पाती थी। कुछ बातें आज पहली बार पता चलीं। मैं तुम्हारा धन्यवाद देना चाहती हूं कि तुमने भारतीय हाईकमीशन में एक राहत की किरण दिखी। ये तुम्हारी काबिलीयत है कि तुम ताहिर को लेकर वहां कैसे पहुंचीं और कहा कि अगर आपने मुझे इंडियन एम्बेसी से निकाला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।”
 
जेपी सिंह के काम की तारीफ करती हूं
– विदेश मंत्री ने बताया, “सभी भारतीय दूतावासों से जब ये चर्चा हो रही थी कि हमें “परदेश में आपका दोस्त भारतीय दूतावास” की तर्ज पर काम करना है। उस वक्त जिस अफसर जेपी सिंह (पाकिस्तान में इंडियन एम्बेसी के अफसर), जिसे इस बारे में पता भी नहीं था.. उन्होंने इस बात को 24 घंटे के भीतर सच साबित कर दिखाया। मैं उनके काम की तारीफ करती हूं।”
 
मैं इंडियन हूं, बस इतना कहना काफी है
– “अगर कोई विंडो पर आकर सिर्फ इतना कहे कि मैं इंडियन हूं और वो मदद के लिए तैयार हो जाएं तो ये हमारे लिए काफी है। जेपी ने मुझे बताया कि उज्मा नाम की एक लड़की आई है। लड़की का वीजा 30 मई तक का था। मैंने जेपी से कहा कि उस लड़की से मेरी बात करवा दो और उसे बता दो कि हम उसे एक साल, दो साल या जितने भी वक्त रखना पड़े, रखेंगे। लेकिन, उस शख्स के पास नहीं भेजेंगे, जिसने उसे टॉर्चर किया।”
 
बैरिस्टर शाहनवाज ने एक पिता की तरह केस लड़ा
– सुषमा ने कहा, “अगर आज उज्मा यहां है तो इसमें पाकिस्तान के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने हमारा बहुत सहयोग किया। बैरिस्टर शाहनवाज ने एक पिता की तरह इस केस को लड़ा। जस्टिस कयानी ने मानवीय संवेदनाओं के आधार पर फैसला दिया। जब उनसे कहा गया कि ये पाकिस्तान की इज्जत का सवाल है तो उन्होंने कहा कि इसमें इज्जत कहा आती है।”
 
एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर है
– “जब उज्मा वाघा बॉर्डर आई तो उसने हिंदुस्तान की जमीन को चूमा, माटी माथे ले लगाई। उस वक्त उसके मन में हिन्दुस्तान के लिए क्या भाव रहे होंगे। कहते हैं कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। तुम्हारी (उज्मा) इस तस्वीर ने सब बयां कर दिया। तुम कुछ न भी कहती तो भी कोई बात नहीं थी।”
 
पाक कोर्ट ने कहा आजाद है उज्मा
– ‘द डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस मोहसिन अख्तर कियानी ने कहा कि उज्मा भारत में कहीं भी जाने के लिए आजाद हैं।
– जज ने उज्मा से पूछा कि क्या वह अपने पति से बात करना चाहती हैं। इस पर उसने इनकार कर दिया। उज्मा का आरोप था कि उसके ट्रैवल डॉक्युमेंट्स ताहिर ने चुरा लिए।
– उज्मा ने 12 मई को कोर्ट में दरखास्त देकर घर लौटने की गुहार लगाई। उसने बताया कि पहली शादी से एक बेटी है। जो भारत में है और उसे थैलेसीमिया हो गया है। तुरंत भारत जाने की जरूरत है।
 
मलेशिया में मिले थे उज्मा और ताहिर
– दिल्ली की रहने वाली 20 साल की उज्मा और ताहिर की मुलाकात मलेशिया में हुई। ताहिर वहां टैक्सी ड्राइवर था।
– 1 मई को ताहिर और उज्मा पाकिस्तान पहुंचे। 3 मई को कथित रूप से निकाह हुआ। भारतीय वीजा के लिए उज्मा ताहिर इंडियन हाई कमीशन पहुंचे। ताहिर का आरोप है कि वहां उज्मा को रोक लिया गया। उनके तीन मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए।
– उज्मा ने कहा था कि वो तब तक इंडियन हाई कमीशन नहीं छोड़ेगी, जब तक कि उसे हिफाजत के साथ भारत भेजने का अरेंजमेंट नहीं कर दिया जाता। खुद को उज्मा का पति बताने वाले ताहिर ने 8 मई को उससे हाई कमीशन में तो मुलाकात की, लेकिन वो कोर्ट में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा।
– नई दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन ने एक बयान में कहा था- उज्मा ने वीजा के लिए अप्लाई करते वक्त ये नहीं बताया था कि वो एक पाकिस्तानी शादी करने के लिए आ रही है। पाकिस्तानी हाई कमीशन के मुताबिक, उज्मा रिश्तेदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान आई थी।
 
उज्मा का क्या आरोप?
– उज्मा का आरोप था कि ताहिर शादीशुदा और चार बच्चों का पिता है। उज्मा के मुताबिक, वो रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान आई थी। यहां ताहिर ने बंदूक की नोक पर उससे निकाह किया और सेक्शुअल रिलेशन बनाए। उज्मा ने फिजिकल टॉर्चर के आरोप भी ताहिर पर लगाए।
– उज्मा ने इस बारे में एफआईआर भी दर्ज कराई है। ताहिर पूछताछ के लिए पेश नहीं हुआ था। उसने सीधे कोर्ट में अपील की।
– 11 मई तक उज्मा इंडियन हाई कमीशन में मौजूद थीं। कमीशन ने एक बयान में कहा कि उज्मा खुश है और उसकी सेहत भी अब बेहतर है।
– नवाज शरीफ के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज ने कहा था कि कानूनी कार्रवाई पूरी होते ही उज्मा को भारत भेज दिया।
 

ताहिर ने कहा था- गलतफहमियां दूर करना चाहता हूं

– ताहिर ने कहा था, “मैं उज्मा से अकेले में मिलकर तमाम गलतफहमियां दूर करना चाहता हूं। लेकिन इंडियन हाई कमीशन इसकी इजाजत नहीं दे रहा है। मैंने हाईकोर्ट से इसकी गुजारिश की है।”
– अली ने आरोप लगाया कि उज्मा का भाई वसीम और इंडियन हाई कमीशन उज्मा और उसके बीच गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं। अली का ये भी दावा है कि उज्मा उसकी पहली शादी और चार बच्चों के बारे में पहले से जानती थी। निकाह कानूनी तौर पर हुआ और गवाह भी मौजूद थे।