समाज्ञा

क्या वाकई देश युद्ध के लिए तैयार है : उद्धव

भारत की पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर लगातार बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को आश्चर्य जाहिर किया कि क्या देश वाकई में युद्ध के लिए तैयार है। ठाकरे ने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में बीते 10 सालों से शांति थी, लेकिन बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से वह जल रहा है। चीन हमें सीधे तौर पर धमकी दे रहा है। यदि युद्ध होता है, तो क्या हम वास्तव में इसके लिए तैयार हैं?”

ठाकरे की यह टिप्पणी उनके जन्मदिन से पहले हर साल उनसे किए जाने वाले साक्षात्कार की श्रृंखला की दूसरी कड़ी के तौर पर पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ और ‘दोपहर का सामना’ में प्रकाशित हुई है। ठाकरे ने सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत के साथ बातचीत में ये बातें कही। ठाकरे 27 जुलाई को 57 साल के हो जाएंगे।

ठाकरे ने शिव सेना को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दुश्मन नंबर एक बताए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि सारी राजनीति को छोड़िए और राष्ट्र की सुरक्षा पर ध्यान दीजिए।

उन्होंने कहा, “यदि शिव सेना नंबर एक शत्रु है तो पाकिस्तान और चीन क्या हैं? चीनी ड्रैगन.. अब आक्रामक तौर हम पर हमले की कोशिश में है।”

शिव सेना प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी दुनिया का चक्कर लगा रहे हैं और एक छोटा-सा मामला हल क्यों नहीं हो रहा है।

ठाकरे ने कहा, “यदि पूरा विश्व हमारा दोस्त है, तो इन दो पड़ोसियों को क्यों नहीं रोका जा सकता है। क्यों हमारा एक भी दोस्त खुले तौर पर सहायता करने और हमारे शत्रुओं पर लगाम लगाने नहीं आ रहा।”

उन्होंने संकेत किया कि अब चीन खुले तौर पर भारत के खिलाफ आक्रामक है।

उन्होंने कहा कि यह सब सुनने में बहुत अच्छा लगता है कि भारत व चीन 1962 के चीन-भारत युद्ध से बहुत अलग हैं, लेकिन हम चीन की मजबूत स्थिति की उपेक्षा नहीं कर सकते और हमें सोचने की जरूरत है कि हम कैसे चुनौती के साथ प्रभावी तरीके से निपट सकते हैं।

ठाकरे ने कहा, “यदि हम इन गंभीर मुद्दों पर राजनीति खेलना जारी रखते हैं, तो यह देश के लोगों से पूरी तरह छल होगा। आप चुनाव जीतते रहेंगे, लेकिन युद्ध युद्ध होता है।”

वह उस रपट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें चीन ने कहा है कि तिब्बत उसका हाथ है और लेह, लद्दाख, नेपाल, सिक्किम और भूटान उसके पांच पंजे हैं।

ठाकरे ने कहा, “जब वह अपने हाथ की पकड़ को मजबूत करता है, तो हमारे पास इससे निपटने के लिए क्या लोहे की मुट्ठी है? इस तरह की परिस्थिति में जब आप अपने घरेलू दोस्तों को खो देंगे, तो क्या आपके वैश्विक दोस्त आपकी सहायता के लिए आएंगे? जैसा कि शिव सेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे अक्सर चेताते थे कि यदि वाकई में युद्ध होता है तो देश का भाग्य होगा?”

उन्होंने कहा कि आंतरिक तौर पर हालात अनुकूल नहीं हैं, गोमांस और गोरक्षा को लेकर हिंसा हो रही है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि सीमा पर युद्ध होता है तो वे कितने युद्ध लड़ेंगे?

एक सवाल के जवाब में ठाकरे ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के विचार को खारिज कर दिया और कहा, “इसकी जरूरत नहीं है, लेकिन मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे जरूरी है, क्योंकि यह राज्य की राजधानी को इसकी दूसरी राजधानी से जोड़ता है।”