मनरेगा कोष नहीं लौटाएंगे : सुब्रत

-केंद्र को राज्य की दो टूक

कोलकाता : मनरेगा फंड के इस्तेमाल के मुद्दे पर केंद्र व राज्य सरकार में ठन गया है। केंद्र ने रकम वापस करने की मांग की है जबकि राज्य सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। केंद्र को दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए पश्‍चिम बंगाल सरकार ने कह दिया है कि वह फंड वापस नहीं करेगी। मनरेगा फंड का इस्तेमाल निजी तालाबों को खोदने के लिए करने का केंद्र सरकार ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है। लेकिन राज्य सरकार ने फंड वापस मांगने पर स्पष्ट कर दिया है कि वह केंद्र को फंड वापस नहीं करेगी। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राज्र सरकार मनरेगा रोजना के तहत मिले 280 करोड़ रुपए वापस नहीं करेगी जो केंद्र ने रह कहते हुए वापस मांगे हैं कि इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में निजी तालाब खोदने के लिए किरा गरा है। पंचारत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि राज्र सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर स्पष्ट किरा है कि तालाब निजी संपत्ति पर नहीं हैं, क्रोंकि इनका इस्तेमाल कृषि, सिंचाई और घर की जरुरतों के लिए किरा गरा है।

सुब्रत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमें हाल में केंद्र सरकार से एक पत्र मिला है जिसमें कहा गरा है कि वह मनरेगा रोजना के तहत हमे मिलने वाले कोष में से 280 करोड़ रुपए काट लेंगें। हम ऐसी मांगों का विरोध करते हैं और हम राशि वापस नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल के ग्रामीण इलाकों में तालाबों का इस्तेमाल सार्वजनिक उपरोगिता के लिए किरा जाता है, इसलिए धन लौटाने का सवाल ही नहीं है। ग्रामीण बंगाल में तालाब खोदने की नीति ने हजारों लोगों को रोजगार दिरा है।

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