समाज्ञा

गुस्साए शरद यादव बोले- कार्रवाई से नहीं डरता, सरकारी जेडीयू के हेड नीतीश हैं, मैं जनता के जेडीयू का नेता हूं

पटना: बिहार में महागठबंधन टूटने और फिर बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले से खफा शरद यादव आज से बिहार दौरे पर हैं. जहां अगले तीन दिनों तक वह सात ज़िलों में घूम-घूमकर लोगों से संवाद करेंगे. वह पटना पहुंचे जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से मिले. इस दौरान शरद यादव ने एक बार फिर दोहराया कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को जनादेश दिया था और बीजेपी के साथ सरकार बनाकर इस जनता के जनादेश का यानी जनता का अपमान हुआ है, ये जनता के साथ धोखा है. उनकी पहली सभा सोनपुर में थी और राजद के स्थानीय विधायक रामानुज प्रसाद मंच पर मौजूद थे. आयोजन का जिम्मा राजद के कंधों पर था. यहां शरद यादव ने सीधे नीतीश कुमार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास को तोड़ा गया है. मैं सड़क पर लड़ूंगा.  उन्होंने कहा कि एक सरकारी जनता दल है, जिसके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं. एक जनता का जनता दल है, जिसके साथ बिहार की जनता है. शरद यादव ने साथ ही यह भी कहा है कि कार्रवाई के डर से मैं अपने कदम पीछे खींचने वाला नहीं हूं.

इससे पूर्व शरद यादव ने कहा कि हमने 5 साल के लिए गठबंधन किया था. 11 करोड़ लोगों का विश्वास टूटा है. मैं इस यात्रा में लोगों से बात करूंगा. बिहार दौरे के दौरान शरद यादव पार्टी कार्यकर्ताओं का मिज़ाज भांपने की कोशिश करेंगे, हालांकि जेडीयू ने बागी शरद यादव के इस दौरे से किनारा कर लिया है. इस दौरे को शरद यादव और नीतीश कुमार के बीच औपचारिक अलगाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है. बिहार से लौटने के बाद शरद यादव 17 अगस्त को दिल्ली में एक सम्मेलन करने की योजना भी बना रहे हैं. हाल के दिनों में शरद यादव ने पार्टी लाइन के खिलाफ जमकर बयानबाजी की है. साथ ही बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश के फैसले की आलोचना भी की है.

उधर शरद यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है. सूत्रों के मुताबिक- उन्हें पार्टी से निलंबित किया जा सकता है. राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटाया जा सकता है. पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर उनकी राज्यसभा की सदस्यता भी जा सकती है. दरअसल, जेडीयू में राज्यसभा में नया नेता चुनने पर विचार किया जा रहा है. राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसद हैं. अपने बागी तेवरों को लेकर पार्टी की ओर से कार्रवाई की अटकलों के बीच शरद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. बातचीत में शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जनता के साथ एक बड़ा करार था और इसके टूटने से जनता का विश्वास टूटा है.