समाज्ञा

3.79 लाख से ज्यादा परिवारों को वन अधिकार पत्र वितरित

रायपुर, 15 जुलाई : छत्तीसगढ़ में अब तक 3.79 लाख से ज्यादा परिवारों को वन अधिकार पत्र वितरित किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित करने में छत्तीसगढ़ देश के प्रथम दो राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य में अब तक तीन लाख 79 हजार से ज्यादा परिवारों को व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र देकर छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।

इन परिवारों को तीन लाख 29 हजार 711 हेक्टेयर भूमि वन अधिकार मान्यता पत्रों के आधार पर आवंटित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र 13 हजार 294 समूहों को दिया गया है। जिन्हें पांच लाख 78 हजार 546 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।

उन्होंने बताया कि वन अधिकार पत्रधारकों की भूमि पर विकास के लिए भूमि समतलीकरण एवं मेड़बांधने का कार्य, खाद एवं बीज के लिए सहायता, कृषि उपकरण के लिए सहायता, सिंचाई के लिए नलकूप, कुंआ, स्टापडेम आदि कार्य स्वीकृत किया जाता है। साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत भूमि के सीमांकन के लिए राज्य में अब तक छह लाख 19 हजार 405 मुनारों की स्थापना की जा चुकी है।

विशेष पिछड़ी जनजाति के 18 हजार 891 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं। शेष के वितरण की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य में वन अधिकार पत्रों के डिजिटलाईजेशन एवं वितरित भूमि की जीओ रिफरेंशिंग का कार्य चिप्स के माध्यम से कराया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार से प्राप्त हो चुकी है।