जीने का जुनून: कार हादसे के बाद 150 KM चला पैदल, पेशाब पीकर रहा जिंदा, दो दिन बाद मिली मदद

ऑस्ट्रेलिया में एक 21 साल की युवक की कार सूनसान इलाके में हादसे का शिकार हो गई, जिसकी वजह से उसे दो दिन में करीब 150 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। इस दौरान उसे जिंदा रहने के लिए अपना पेशाब तक पीना पड़ा। पेशे से तकनीशियन थॉमस मेसन पिछले सप्ताह नॉर्थन टेरीटरी और साऊथ ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे थे। काम पूरा करने के बाद वे अपनी कार से वापस लौट रहे थे, लेकिन अचानक जंगली ऊंटों का एक झुंड़ उनकी कार के आगे आ गया, जिसकी वजह से वे दुर्घटना का शिकार हो गए और उनकी कार क्रैश हो गई। हालांकि, इस हादसे में मेसन को कोई चोट नहीं आई।

पुलिस ने बताया कि हादसे की जगह से जो नजदीकी कस्बा था, वह करीब 150 किलोमीटर दूर था। वह दो दिन से ज्यादा पैदल चलता रहा, इस दौरान उसे अपना पेशाब पीकर खुद को बचाना पड़ा। मेसन ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, ‘मैं यह जानता था कि या तो मैं यहीं रहकर मर जाऊं या फिर चलकर हाईवे तक पहुंच जाऊं, ताकि मुझे कोई देख ले।’ उस वक्त उसके पास कोई खाने की चीज भी नहीं थी, उसने केवल कपड़े पहने हुए थे और एक टॉर्च उसके पास थी। टॉर्च के सहारे वह अंधेरे में भी चलता रहा। उसके फोन में सिग्नल नहीं आ रहे थे, जिसकी वजह से वह किसी से संपर्क नहीं कर पाया। उसे उम्मीद भी नहीं थी कि अगले 24 घंटे में वह किसी से बात कर पाएगा।

जब वह पैदल चल रहा था तो उसे एक जगह पानी का टैंक दिखाई दिया। उसके पास ही एक बोतल भी पड़ी थी। लेकिन वह पानी ज्यादा देर तक नहीं चल पाया। ऐसे में उसने खुद का पेशाब पीकर अपने शरीर में पानी की कमी पूरी करता रहा। मेसन ने साथ ही बताया, ‘रास्ते में तीन-चार बार मुझे लगा कि अब बहुत हो गया और मैं रुकने को तैयार हो गया।।’

जब मेसन से दो दिन तक कोई संपर्क नहीं हुआ तो उनकी मां को लगा कि उसके बेटे के साथ कुछ गलत हुआ है और उन्होंने आपातकाल सेवा को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद शुक्रवार को मेसन को राहत दल ने ढूंढ़ लिया। लेकिन तब तक वह 60 घंटे में करीब 140 किलोमीटर चल चुका था। तब जाकर उसे मदद मिली और उसने अपनी मां और पिता से बात की। पुलिस ने बताया कि अभी मेसन का इलाज चल रहा है, लेकिन उसका स्वास्थ्य बिल्कुल सही है।

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