बॉर्डर पर हाईटेक एयरबेस बनाकर पाक ने तैनात किए चीन से खरीदे लड़ाकू विमान

काफी अरसों बाद पाकिस्तान फिर से गुजरात के सौराष्ट्र कच्छ क्षेत्र से जुड़ी सीमा पर सक्रिय होता नज़र आ रहा हैं. दरअसल पाकिस्तान ने सिंध प्रांत के हैदराबाद जिले के भोलारी में एक आधुनिक सैन्य हवाई क्षेत्र विकसित किया है. इस हवाई क्षेत्र में पाकिस्तान की वायु सेना चीन द्वारा प्राप्त जेएफ-17 लड़ाकू विमानों को तैनात करने जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक यह हवाई क्षेत्र पहले से मौजूद था, लेकिन हाल ही में इसे लड़ाकू विमानों के उड़ानों के लिए किया जाने लगा है. अपनी पूर्वी सीमा पर भारतीय वायुसेना की ताकत का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तानी वायुसेना बड़ी संख्या में चीन निर्मित जेएफ-17 विमान शामिल कर रही है.

पाकिस्तान के हैदराबाद बेस से कुछ दूर पाकिस्तानी मरीन के एसएसजी कमाण्डो ने अपना बेस तैयार किया है जहां से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को समुद्री रास्ते से हमले करने की ट्रेनिंग दी जाती है.

पाकिस्तान की तरफ से इस विस्तार को देखते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण ने गुजरात के दीसा में नए हवाई क्षेत्र के निर्माण को हरी झंडी दे दी है. इस हवाई क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ से होने वाले खतरे का मुकाबला किया जा सकेगा, लेकिन इसका निर्माण होने में तीन से चार साल लगेंगे. सुरक्षा मामले की कैबिनेट समिति ने इसी साल इस हवाई क्षेत्र को मंजूरी दी थी.

 

पाकिस्तानी वायु सेना नें  पिछले साल ही 16 नए जेएफ-17 थंडर जेट विमान शामिल किए थें.  इन लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर बनाया है. पाकिस्तान में पहले से ही 70 से ज्यादा जेएफ-17 थंडर जेट हैं.  जेएफ-17 लड़ाकू विमान भारत में बने लड़ाकू विमान तेजस की भांति ही लाइट कॉम्‍बेट जेट है.

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